प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रो एआई’ परियोजना को वैश्विक मंच पर खूब सराहना मिली। इस परियोजना को यूनेस्को के एआई फाॅर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग अवार्ड वर्ग में विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल किया गया जिसकी घोषणा स्विट्जरलैण्ड के जिनेवा में आयोजित एआई फाॅर गुड ग्लोबल समिट-2026 में की गई। आगामी 1 सितम्बर 2026 से यह परियोजना ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगी ताकि अन्य देश भी अपने यहां शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ बना सके। एससीईआरटी द्वारा तैयार डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल विश्व की शीर्ष परियोजनाओं में चयनित होना प्रदेश के लिये ऐतिहासिक व गौरव का क्षण है। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयी शिक्षा में नवाचार डिजिटल तकनीक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज एससीईआरटी की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के हजारों शिक्षकों एससीईआरटी की टीम विषय विशेषज्ञों एवं शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। डाॅ.रावत ने बताया कि यह दूसरी बार है जब एससीईआरटी के एआई आधारित शिक्षक प्रशिक्षण माॅडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। इससे पहले यूनेस्को-आईआईटीई द्वारा प्रकाशित वैश्विक केस स्टडी में भी राज्य के एआई एवं डिजिटल तकनीक आधारित नवाचारों को स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था की दिशा में उत्तराखण्ड के प्रयासों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। डाॅ.रावत ने बताया कि एससीईआरटी द्वारा विकसित ‘फंडामेंटल्स ऑफ एआई एंड आईसीटी टूल फाॅर स्कूल टीचर्स’ऑनलाइन कोर्स ने राज्य में डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा प्रदान की। इस अभिनव कार्यक्रम के जरिये प्रदेशभर के शिक्षकों को एआई सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी डिजिटल शिक्षण ऑनलाइन मूल्यांकन तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत 49 हजार से अधिक शिक्षकों का पंजीकरण कराया गया जबकि 47 हजार से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रमाण पत्र प्राप्त किये। राज्य के लगभग 97 फीसदी विद्यालय इस कार्यक्रम से जुडे़ जिसके चलते 15 हजार से अधिक विद्यालयों तक डिजिटल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित हुई। जिसकी प्रगति की ई-सृजन एआई चैटबाॅट तथा विद्या समीक्षा केन्द्र डैशबोर्ड के माध्यम से रियल टाइम निगरानी की गई। एससीईआरटी द्वारा विकसित एआई शिक्षक प्रशिक्षण आगामी 1 सितम्बर 2026 से यूनेस्को के ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगी ताकि अन्य देश भी अपने यहां शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ बना सकेंगे। वैश्विक स्तर पर एससीईआरटी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था डिजिटल नवाचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षक प्रशिक्षण तथा समावेशी शिक्षा माॅडल वैश्विक स्तर पर भी प्रभावी पहचान बना रहे हैं। डाॅ.धन सिंह रावत विद्यालयी शिक्षा मंत्री उत्तराखंड।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रो एआई’ परियोजना को वैश्विक मंच पर खूब सराहना मिली। इस परियोजना को यूनेस्को के एआई फाॅर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग अवार्ड वर्ग में विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल किया गया जिसकी घोषणा स्विट्जरलैण्ड के जिनेवा में आयोजित एआई फाॅर गुड ग्लोबल समिट-2026 में की गई। आगामी 1 सितम्बर 2026 से यह परियोजना ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगी ताकि अन्य देश भी अपने यहां शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ बना सके। एससीईआरटी द्वारा तैयार डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल विश्व की शीर्ष परियोजनाओं में चयनित होना प्रदेश के लिये ऐतिहासिक व गौरव का क्षण है। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयी शिक्षा में नवाचार डिजिटल तकनीक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज एससीईआरटी की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के हजारों शिक्षकों एससीईआरटी की टीम विषय विशेषज्ञों एवं शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। डाॅ.रावत ने बताया कि यह दूसरी बार है जब एससीईआरटी के एआई आधारित शिक्षक प्रशिक्षण माॅडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। इससे पहले यूनेस्को-आईआईटीई द्वारा प्रकाशित वैश्विक केस स्टडी में भी राज्य के एआई एवं डिजिटल तकनीक आधारित नवाचारों को स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था की दिशा में उत्तराखण्ड के प्रयासों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। डाॅ.रावत ने बताया कि एससीईआरटी द्वारा विकसित ‘फंडामेंटल्स ऑफ एआई एंड आईसीटी टूल फाॅर स्कूल टीचर्स’ऑनलाइन कोर्स ने राज्य में डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा प्रदान की। इस अभिनव कार्यक्रम के जरिये प्रदेशभर के शिक्षकों को एआई सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी डिजिटल शिक्षण ऑनलाइन मूल्यांकन तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत 49 हजार से अधिक शिक्षकों का पंजीकरण कराया गया जबकि 47 हजार से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रमाण पत्र प्राप्त किये। राज्य के लगभग 97 फीसदी विद्यालय इस कार्यक्रम से जुडे़ जिसके चलते 15 हजार से अधिक विद्यालयों तक डिजिटल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित हुई। जिसकी प्रगति की ई-सृजन एआई चैटबाॅट तथा विद्या समीक्षा केन्द्र डैशबोर्ड के माध्यम से रियल टाइम निगरानी की गई। एससीईआरटी द्वारा विकसित एआई शिक्षक प्रशिक्षण आगामी 1 सितम्बर 2026 से यूनेस्को के ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेगी ताकि अन्य देश भी अपने यहां शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ बना सकेंगे। वैश्विक स्तर पर एससीईआरटी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था डिजिटल नवाचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षक प्रशिक्षण तथा समावेशी शिक्षा माॅडल वैश्विक स्तर पर भी प्रभावी पहचान बना रहे हैं। डाॅ.धन सिंह रावत विद्यालयी शिक्षा मंत्री उत्तराखंड।