प्रदीप कुमार
थलीसैंण-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय इंटर कॉलेज कपरोली थलीसैंण में सोमवार को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों को लेकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 190 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर बाल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अंकित चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अपने अधिकारों सुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी होना भी जरूरी है ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में समय रहते सहायता ले सकें। जिला बाल संरक्षण इकाई के एलसीपीओ निखिल डेविड ने किशोर न्याय अधिनियम बाल श्रम निषेध बाल विवाह प्रतिषेध एवं बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण शिक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। वहीं शिखा खरे ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच लैंगिक संवेदनशीलता मानसिक स्वास्थ्य एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को देने की सलाह दी। चाइल्डलाइन समन्वयक मोहित सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों के लिए 24 घंटे संचालित निःशुल्क आपातकालीन सेवा है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम बाल विवाह हिंसा भिक्षावृत्ति या किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में तत्काल 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के प्रबंधक अभिषेक नेगी ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
थलीसैंण-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय इंटर कॉलेज कपरोली थलीसैंण में सोमवार को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों को लेकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 190 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर बाल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अंकित चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अपने अधिकारों सुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी होना भी जरूरी है ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में समय रहते सहायता ले सकें। जिला बाल संरक्षण इकाई के एलसीपीओ निखिल डेविड ने किशोर न्याय अधिनियम बाल श्रम निषेध बाल विवाह प्रतिषेध एवं बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण शिक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। वहीं शिखा खरे ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच लैंगिक संवेदनशीलता मानसिक स्वास्थ्य एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को देने की सलाह दी। चाइल्डलाइन समन्वयक मोहित सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों के लिए 24 घंटे संचालित निःशुल्क आपातकालीन सेवा है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम बाल विवाह हिंसा भिक्षावृत्ति या किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में तत्काल 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के प्रबंधक अभिषेक नेगी ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।