प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का प्रभाव अब उत्तराखंड में धरातल पर दिखाई देने लगा है। राज्य में ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पहल के तहत अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष के सहयोग और ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से पशुपालकों काश्तकारों और हस्तशिल्पियों की आजीविका मजबूत करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जनपद चमोली में वर्तमान में यह परियोजना 29 हजार परिवारों की आय मजबूत करने का कार्य कर रही है। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत अल्ट्रा पुअर व्यक्तिगत उद्यम और सामुदायिक स्तर की योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण अपने घरों पर ही स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। इससे जहां ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो रही है वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव ने बताया कि चमोली जनपद में अब तक 880 लाभार्थियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें डेयरी स्थापना से 474 बकरी पालन से 107 दुकान संचालन से 64 कृषि आधारित गतिविधियों से 58 कुक्कुट पालन से 53 टेलरिंग से 43 आटा चक्की से 19 लोहार कार्य से 12 सब्जी उत्पादन एवं हैंडलूम से 8-8 मधुमक्खी पालन से 8 तथा रिंगाल हस्तशिल्प से 6 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन मसाला उत्पादन ब्यूटी पार्लर चाय की दुकान फूड प्रोसेसिंग और रेस्टोरेंट जैसी गतिविधियों के लिए भी अनुदान प्रदान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत फार्म आधारित व्यक्तिगत उद्यमों में 327 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इसके माध्यम से ग्रामीणों ने डेयरी मधुमक्खी पालन बकरी पालन मशरूम उत्पादन समेकित कृषि सब्जी उत्पादन और बैकयार्ड पोल्ट्री जैसे उद्यम स्थापित किए हैं। वहीं गैर कृषि आधारित व्यक्तिगत उद्यमों के तहत 278 लाभार्थियों को सहयोग प्रदान किया गया जिनमें टेलरिंग रिटेल दुकान ब्यूटी पार्लर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण रेस्टोरेंट हैंडलूम रिंगाल शिल्प और इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत जैसे लघु उद्यम स्थापित किए गए हैं। जनपद में सामुदायिक और उत्पादक संगठन स्तर पर 27 उद्यम स्थापित किए गए हैं जिनमें कुछ इकाइयों पर अभी कार्य प्रगति पर है। वहीं गैर कृषि आधारित सामुदायिक स्तर पर 45 उद्यमों की स्थापना की गई है जिनमें कई इकाइयों का संचालन जारी है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का प्रभाव अब उत्तराखंड में धरातल पर दिखाई देने लगा है। राज्य में ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पहल के तहत अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष के सहयोग और ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से पशुपालकों काश्तकारों और हस्तशिल्पियों की आजीविका मजबूत करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जनपद चमोली में वर्तमान में यह परियोजना 29 हजार परिवारों की आय मजबूत करने का कार्य कर रही है। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत अल्ट्रा पुअर व्यक्तिगत उद्यम और सामुदायिक स्तर की योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण अपने घरों पर ही स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। इससे जहां ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो रही है वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। परियोजना प्रबंधक शशिकांत यादव ने बताया कि चमोली जनपद में अब तक 880 लाभार्थियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें डेयरी स्थापना से 474 बकरी पालन से 107 दुकान संचालन से 64 कृषि आधारित गतिविधियों से 58 कुक्कुट पालन से 53 टेलरिंग से 43 आटा चक्की से 19 लोहार कार्य से 12 सब्जी उत्पादन एवं हैंडलूम से 8-8 मधुमक्खी पालन से 8 तथा रिंगाल हस्तशिल्प से 6 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन मसाला उत्पादन ब्यूटी पार्लर चाय की दुकान फूड प्रोसेसिंग और रेस्टोरेंट जैसी गतिविधियों के लिए भी अनुदान प्रदान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत फार्म आधारित व्यक्तिगत उद्यमों में 327 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इसके माध्यम से ग्रामीणों ने डेयरी मधुमक्खी पालन बकरी पालन मशरूम उत्पादन समेकित कृषि सब्जी उत्पादन और बैकयार्ड पोल्ट्री जैसे उद्यम स्थापित किए हैं। वहीं गैर कृषि आधारित व्यक्तिगत उद्यमों के तहत 278 लाभार्थियों को सहयोग प्रदान किया गया जिनमें टेलरिंग रिटेल दुकान ब्यूटी पार्लर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण रेस्टोरेंट हैंडलूम रिंगाल शिल्प और इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत जैसे लघु उद्यम स्थापित किए गए हैं। जनपद में सामुदायिक और उत्पादक संगठन स्तर पर 27 उद्यम स्थापित किए गए हैं जिनमें कुछ इकाइयों पर अभी कार्य प्रगति पर है। वहीं गैर कृषि आधारित सामुदायिक स्तर पर 45 उद्यमों की स्थापना की गई है जिनमें कई इकाइयों का संचालन जारी है।