प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में बढ़ती गर्मी एवं शुष्क मौसम को देखते हुए अपर जिला अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा समस्त जनपदवासियों से वन अग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु सहयोग की अपील की गई है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से पर्यावरण वन संपदा वन्यजीवों एवं मानव जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों के आसपास बीड़ी सिगरेट अथवा माचिस की तीली जलती हुई अवस्था में न फेंके तथा सूखी घास एवं झाड़ियों में आग न लगाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ी वन अग्नि का कारण बन सकती है। प्रशासन द्वारा वन अग्नि की सूचना एवं त्वरित सहायता हेतु टोल फ्री नंबर भी साझा किए गए हैं। आमजन से अपील की गई है कि इन नंबरों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें तथा कहीं भी आग लगने की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही सभी ग्राम प्रधानों वन पंचायतों स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों से वन संरक्षण एवं जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि जनसहभागिता से ही वन अग्नि जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में बढ़ती गर्मी एवं शुष्क मौसम को देखते हुए अपर जिला अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा समस्त जनपदवासियों से वन अग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु सहयोग की अपील की गई है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से पर्यावरण वन संपदा वन्यजीवों एवं मानव जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों के आसपास बीड़ी सिगरेट अथवा माचिस की तीली जलती हुई अवस्था में न फेंके तथा सूखी घास एवं झाड़ियों में आग न लगाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ी वन अग्नि का कारण बन सकती है। प्रशासन द्वारा वन अग्नि की सूचना एवं त्वरित सहायता हेतु टोल फ्री नंबर भी साझा किए गए हैं। आमजन से अपील की गई है कि इन नंबरों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें तथा कहीं भी आग लगने की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही सभी ग्राम प्रधानों वन पंचायतों स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों से वन संरक्षण एवं जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि जनसहभागिता से ही वन अग्नि जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।