Spread the love

प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। वर्ष 1952 से निरंतर आयोजित की जा रही नई टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला का भव्य समापन भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं राम राज्याभिषेक के मनोहारी मंचन के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिवस की लीला ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को भावविभोर कर दिया तथा पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। समापन दिवस पर राम राज्याभिषेक का दृश्य अत्यंत आकर्षक और भावनात्मक रहा। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच प्रेम समर्पण और भक्ति का अद्भुत प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम द्वारा हनुमान जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करने वाले संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कलाकारों के सशक्त अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। रामलीला के अंतिम दिवस पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ 11 दिवसीय धार्मिक यज्ञ की पूर्णाहुति भी संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर सुख समृद्धि शांति और लोककल्याण की कामना की। पूरे आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। समापन समारोह में टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा पूर्व राज्य मंत्री वीरेंद्र उनियाल शामिल रहे। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता जीतराम भट्ट भाजपा जिला अध्यक्ष उदय रावत एवं सभासद विजय कठैत सहित अनेक गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। अपने संबोधन में विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने इन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष रामलीला को और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए वह हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया। समापन अवसर पर रामलीला के सभी कलाकारों तथा आयोजन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समिति ने मंचन सजावट संगीत तकनीकी सहयोग प्रचार-प्रसार एवं अन्य व्यवस्थाओं में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी भूमिका को आयोजन की सफलता का आधार बताया। इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ.राकेश भूषण गोदियाल संरक्षक मोहन सिंह रावत कमल सिंह महर महावीर उनियाल देशभूषण जोशी महासचिव अमित पंत मनोज शाह त्रिलोक चंद्र रमोला राजेन्द्र असवाल राकेश मोहन भट्ट राकेश लांबा भगवान चंद रमोला मनोज राय सुषमा उनियाल रचना उनियाल जशोदा नेगी उर्मिला राणा अनुराग पंत गंगा भगत नेगी सहित समिति के अनेक पदाधिकारी सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और दर्शकों ने रामलीला के अंतिम मंचन का आनंद लिया। राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुई इस वर्ष की रामलीला और 11 दिवसीय यज्ञ के सफल समापन ने नई टिहरी की धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को एक बार फिर नई ऊंचाई प्रदान की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp