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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला-2027 के सफल आयोजन के लिए संचालित अवस्थापना विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने हेतु मेला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मेलाधिकारी सोनिका ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा तय समयावधि में पूर्ण किए जाएं। मेलाधिकारी ने सबसे पहले सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की चरणबद्ध प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 की दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंट सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री के नमूने मौके पर ही एकत्र करवाए तथा उन्हें तृतीय पक्ष गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद उन्होंने गंग नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट से सिंह द्वार के मध्य निर्माणाधीन नए घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य में प्रयुक्त स्टील कंक्रीट एवं अन्य सामग्रियों के नमूने भी जांच के लिए एकत्र करवाए गए। साथ ही घाट की नवनिर्मित आरसीसी दीवार के कुछ हिस्सों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए निकलवाए गए। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके उपरांत उन्होंने नगर निगम घाट एवं उससे सटे क्षेत्रों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने घाटों की दीवारों की स्ट्रेंथ टेस्टिंग कराने तथा समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं। उन्होंने घाट क्षेत्रों में हरित विकास सौंदर्यीकरण तथा सुगम आवागमन की सुविधाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा आ रही हो तो उसे तत्काल उनके संज्ञान में लाया जाए ताकि उसका शीघ्र समाधान कर कार्यों की प्रगति को निर्बाध बनाए रखा जा सके। निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता डी.पी.सिंह,पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के सहायक अभियंता मानेंद्र पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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