प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के क्रम में कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत राजकीय भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई को गति देने के उद्देश्य से कोटद्वार तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग सिंचाई विभाग नगर निगम लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) धुमाकोट जल संस्थान तथा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अभियान चलाकर अपने-अपने विभाग के अधीन आने वाली भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित करते हुए आगामी 10 दिनों के भीतर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में ज़िलाधिकारी ने निर्देश दिए गए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान यदि प्रशासनिक अथवा पुलिस बल की आवश्यकता हो तो समय रहते इसकी सूचना उपलब्ध करायी जाए ताकि कार्रवाई प्रभावी ढंग से संपादित की जा सके। उपजिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग स्वयं उत्तरदायी होगा। उन्होंने बताया कि राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के क्रम में कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत राजकीय भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई को गति देने के उद्देश्य से कोटद्वार तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग सिंचाई विभाग नगर निगम लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) धुमाकोट जल संस्थान तथा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अभियान चलाकर अपने-अपने विभाग के अधीन आने वाली भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित करते हुए आगामी 10 दिनों के भीतर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में ज़िलाधिकारी ने निर्देश दिए गए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान यदि प्रशासनिक अथवा पुलिस बल की आवश्यकता हो तो समय रहते इसकी सूचना उपलब्ध करायी जाए ताकि कार्रवाई प्रभावी ढंग से संपादित की जा सके। उपजिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग स्वयं उत्तरदायी होगा। उन्होंने बताया कि राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।