प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के तत्वावधान में खेलों में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में श्रीनगर सहित देशभर के उत्तर भारत के 21 सेंटरों से स्पोर्ट्स विंग के सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम में खेल योग ध्यान और आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की स्पोर्ट्स विंग एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय श्रीनगर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन अवसर पर जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ.चन्द्रशेखर ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि खेल और प्रकृति दोनों ही मनुष्य को अनुशासन ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करते हैं। मुख्य अतिथि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के खेल विभाग के सहायक निदेशक डॉ.मोहित बिष्ट ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में खिलाड़ियों के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन और राजयोग खिलाड़ियों की एकाग्रता बढ़ाने तनाव कम करने तथा प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विभागों के लिए आयोजित किए जा रहे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा मिलेगी। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को भी स्पोर्ट्स विंग से जोड़ने के प्रयास किए जाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि गढ़वाल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) समन्वयक प्रो.राकेश नेगी ने कहा कि खेलों में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश खिलाड़ियों को अनुशासन धैर्य सहनशीलता और नैतिकता की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के निदेशक बीके मेहर चंद ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्पोर्ट्स विंग देशभर में खिलाड़ियों और युवाओं के बीच सकारात्मक सोच नशामुक्ति आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल और अध्यात्म का समन्वय जीवन में सफलता के साथ आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। कार्यक्रम का संचालन बीके नीलम ने किया। इस अवसर पर पैठानी महाविद्यालय के डॉ.देवकृष्ण थपलियाल बीके रोहतास बीके प्रवेंद्र बीके बाला सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी खिलाड़ी और श्रीनगर क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के तत्वावधान में खेलों में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में श्रीनगर सहित देशभर के उत्तर भारत के 21 सेंटरों से स्पोर्ट्स विंग के सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम में खेल योग ध्यान और आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की स्पोर्ट्स विंग एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय श्रीनगर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन अवसर पर जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ.चन्द्रशेखर ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि खेल और प्रकृति दोनों ही मनुष्य को अनुशासन ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करते हैं। मुख्य अतिथि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के खेल विभाग के सहायक निदेशक डॉ.मोहित बिष्ट ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में खिलाड़ियों के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन और राजयोग खिलाड़ियों की एकाग्रता बढ़ाने तनाव कम करने तथा प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विभागों के लिए आयोजित किए जा रहे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा मिलेगी। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को भी स्पोर्ट्स विंग से जोड़ने के प्रयास किए जाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि गढ़वाल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) समन्वयक प्रो.राकेश नेगी ने कहा कि खेलों में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश खिलाड़ियों को अनुशासन धैर्य सहनशीलता और नैतिकता की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के निदेशक बीके मेहर चंद ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्पोर्ट्स विंग देशभर में खिलाड़ियों और युवाओं के बीच सकारात्मक सोच नशामुक्ति आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल और अध्यात्म का समन्वय जीवन में सफलता के साथ आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। कार्यक्रम का संचालन बीके नीलम ने किया। इस अवसर पर पैठानी महाविद्यालय के डॉ.देवकृष्ण थपलियाल बीके रोहतास बीके प्रवेंद्र बीके बाला सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी खिलाड़ी और श्रीनगर क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।