प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड के सभी नगर निगमों की समीक्षा बैठक में आरती भंडारी के नेतृत्व में श्रीनगर नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर सराहना की गई। बैठक में ठोस कूड़ा प्रबंधन विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर श्रीनगर नगर निगम को प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए आदर्श मॉडल बताया गया। बैठक में अधिकारियों ने विशेष रूप से रजत जयंती पार्क वेस्ट मैनेजमेंट और लेगेसी वेस्ट के निस्तारण कार्यों की प्रशंसा की। बताया गया कि नगर निगम ने लगभग 18 हजार टन पुराने कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उसी स्थान पर वेस्ट टू वंडर रजत जयंती पार्क विकसित किया है जो पूरे प्रदेश के लिए एक अभिनव उदाहरण बनकर सामने आया है। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद श्रीनगर नगर निगम ने जिस तरह कूड़ेदान मुक्त शहर बनाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में कार्य किया है वह अन्य नगर निगमों के लिए सीख लेने योग्य है। बैठक में आरती भंडारी ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर में 21 नए ग्रामीण क्षेत्र शामिल किए गए लेकिन इसके अनुरूप बजट अब भी पालिका स्तर पर ही प्राप्त हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र विस्तार को देखते हुए बजट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम ने गौशाला एबीसी सेंटर लेगेसी वेस्ट निस्तारण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और रजत जयंती पार्क जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। साथ ही उन्होंने नए निगम कार्यालय भवन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी बनाने के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता भी रखी। इस पर शहरी विकास मंत्री ने जल्द बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि नगर निगम ने उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया है तथा सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य कर एक नई मिसाल कायम की है। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा कि यह सराहना पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ठोस कूड़ा प्रबंधन लेगेसी वेस्ट निस्तारण और वेस्ट टू वंडर पार्क जैसे कार्यों में विभागीय मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग लगातार मिलता रहा जिससे योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि आगे भी लक्ष्य श्रीनगर को स्वच्छ सुंदर पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है ताकि यह पूरे उत्तराखंड के लिए एक मॉडल नगर निगम बन सके। बैठक में सचिव नीतीश झा निदेशक शहरी विकास विभाग विनोद गोस्वामी सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर और नगर आयुक्त उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड के सभी नगर निगमों की समीक्षा बैठक में आरती भंडारी के नेतृत्व में श्रीनगर नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर सराहना की गई। बैठक में ठोस कूड़ा प्रबंधन विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर श्रीनगर नगर निगम को प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए आदर्श मॉडल बताया गया। बैठक में अधिकारियों ने विशेष रूप से रजत जयंती पार्क वेस्ट मैनेजमेंट और लेगेसी वेस्ट के निस्तारण कार्यों की प्रशंसा की। बताया गया कि नगर निगम ने लगभग 18 हजार टन पुराने कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उसी स्थान पर वेस्ट टू वंडर रजत जयंती पार्क विकसित किया है जो पूरे प्रदेश के लिए एक अभिनव उदाहरण बनकर सामने आया है। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद श्रीनगर नगर निगम ने जिस तरह कूड़ेदान मुक्त शहर बनाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में कार्य किया है वह अन्य नगर निगमों के लिए सीख लेने योग्य है। बैठक में आरती भंडारी ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर में 21 नए ग्रामीण क्षेत्र शामिल किए गए लेकिन इसके अनुरूप बजट अब भी पालिका स्तर पर ही प्राप्त हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र विस्तार को देखते हुए बजट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम ने गौशाला एबीसी सेंटर लेगेसी वेस्ट निस्तारण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और रजत जयंती पार्क जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। साथ ही उन्होंने नए निगम कार्यालय भवन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी बनाने के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता भी रखी। इस पर शहरी विकास मंत्री ने जल्द बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि नगर निगम ने उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया है तथा सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य कर एक नई मिसाल कायम की है। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा कि यह सराहना पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ठोस कूड़ा प्रबंधन लेगेसी वेस्ट निस्तारण और वेस्ट टू वंडर पार्क जैसे कार्यों में विभागीय मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग लगातार मिलता रहा जिससे योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि आगे भी लक्ष्य श्रीनगर को स्वच्छ सुंदर पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है ताकि यह पूरे उत्तराखंड के लिए एक मॉडल नगर निगम बन सके। बैठक में सचिव नीतीश झा निदेशक शहरी विकास विभाग विनोद गोस्वामी सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर और नगर आयुक्त उपस्थित रहे।