प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति जनसमस्याओं के समाधान और विभागीय व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने रिखणीखाल विकासखंड का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर से लेकर दुर्गम ग्राम मेंदणी तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं की समीक्षा की। मेंदणी पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक ढोल-दमाऊं स्वागत गीत एवं चौंफला गायन के साथ स्वागत किया। जन चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे जिन पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए तथा कई महत्वपूर्ण मांगों पर मौके पर ही निर्णय लिए। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले ताड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर धर्मशाला पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। मंदिर समिति के सूरज ध्यानी एवं पुजारी संदीप सकलानी से मंदिर की धार्मिक ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा मंदिर मार्ग पार्किंग पेयजल तथा शौचालय सुविधाओं को लेकर सुझाव दिए गए जिस पर जिलाधिकारी ने मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को इंटरलॉकिंग टाइल्स शौचालय बेंच एवं साइनेज जैसी सुविधाओं से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ताड़केश्वर जनपद की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन धरोहर है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके बाद उन्होंने देवियोंखाल में ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस अवसर पर बीडीओ ने बताया कि उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट ढाबखाल में संचालित की जा रही है तथा विभिन्न महिला समूहों के माध्यम से उत्पादों का निर्माण और विपणन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने महिलाओं से संवाद कर उनकी आय, रोजगार के अवसरों और उत्पादों की बाजार उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। दुर्गम ग्राम मेंदणी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने गांव में ओपन जिम और प्रवेश द्वार निर्माण को स्वीकृति देते हुए शीघ्र आगणन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को गांव की घेरबाड़ के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। जनसंवाद में पेयजल समस्या प्रमुखता से उठी जिस पर अधिशासी अभियंता जल निगम ने 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने तब तक वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने नियमित निरीक्षण कराने तथा बूंगा मल्ला डाबरी और पलीगांव की शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाबरी में 10 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा रेवा पंपिंग योजना के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने को भी कहा। सड़क निर्माण से हुई क्षति की शिकायतों पर लोक निर्माण विभाग को शीघ्र मरम्मत कराने तथा स्पीड ब्रेकरों पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग एवं संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि एक्सरे सुविधा से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए धनराशि जमा कर दी गई है और एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफार्मर लगाकर व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। चौपाल में पेंशन मोबाइल नेटवर्क संपर्क मार्ग विद्यालय उच्चीकरण सामुदायिक भवन सोलर लाइट और अन्य स्थानीय समस्याएं भी उठाई गईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी पहले से ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है उनका तुरंत निस्तारण किया जाए तथा दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अस्थायी समाधान भी सुनिश्चित किए जाएं। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल का निरीक्षण कर प्रसव सेवाओं दवा उपलब्धता चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति पेयजल शौचालय तथा स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रात्रि में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने प्रमुख दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने तथा इमरजेंसी कक्ष की मरम्मत एवं विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा चिकित्सा उपकरणों एवं विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा। तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया तथा आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने तथा मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण के लिए आधुनिक रिकॉर्ड रूम विकसित करने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण को गति देने के निर्देश भी दिए। इसके बाद राजस्व उपनिरीक्षकों की बैठक लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण फार्मर रजिस्ट्री अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। डिजिटाइजेशन कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने पटवारी चौकियों की मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनसुनवाई दिवस निर्धारित करने तथा राजस्व शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सभी राजस्व कार्मिकों को सक्रिय रहकर गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत डीडीओ मनविंदर कौर एसडीएम शालिनी मौर्य मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिवमोहन शुक्ला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राम सलोने अधिशासी अभियंता जल संस्थान अभिषेक वर्मा जल निगम के अजय बेलवाल विद्युत विभाग के बेगराज सिंह लोक निर्माण विभाग के विवेक कुमार बीडीओ देवेश पंत ग्रामोत्थान परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट तहसीलदार विद्यादत्त सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति जनसमस्याओं के समाधान और विभागीय व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने रिखणीखाल विकासखंड का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर से लेकर दुर्गम ग्राम मेंदणी तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं की समीक्षा की। मेंदणी पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक ढोल-दमाऊं स्वागत गीत एवं चौंफला गायन के साथ स्वागत किया। जन चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे जिन पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए तथा कई महत्वपूर्ण मांगों पर मौके पर ही निर्णय लिए। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले ताड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर धर्मशाला पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। मंदिर समिति के सूरज ध्यानी एवं पुजारी संदीप सकलानी से मंदिर की धार्मिक ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा मंदिर मार्ग पार्किंग पेयजल तथा शौचालय सुविधाओं को लेकर सुझाव दिए गए जिस पर जिलाधिकारी ने मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को इंटरलॉकिंग टाइल्स शौचालय बेंच एवं साइनेज जैसी सुविधाओं से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ताड़केश्वर जनपद की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन धरोहर है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके बाद उन्होंने देवियोंखाल में ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस अवसर पर बीडीओ ने बताया कि उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट ढाबखाल में संचालित की जा रही है तथा विभिन्न महिला समूहों के माध्यम से उत्पादों का निर्माण और विपणन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने महिलाओं से संवाद कर उनकी आय, रोजगार के अवसरों और उत्पादों की बाजार उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। दुर्गम ग्राम मेंदणी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने गांव में ओपन जिम और प्रवेश द्वार निर्माण को स्वीकृति देते हुए शीघ्र आगणन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को गांव की घेरबाड़ के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। जनसंवाद में पेयजल समस्या प्रमुखता से उठी जिस पर अधिशासी अभियंता जल निगम ने 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने तब तक वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने नियमित निरीक्षण कराने तथा बूंगा मल्ला डाबरी और पलीगांव की शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाबरी में 10 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा रेवा पंपिंग योजना के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने को भी कहा। सड़क निर्माण से हुई क्षति की शिकायतों पर लोक निर्माण विभाग को शीघ्र मरम्मत कराने तथा स्पीड ब्रेकरों पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग एवं संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि एक्सरे सुविधा से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए धनराशि जमा कर दी गई है और एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफार्मर लगाकर व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। चौपाल में पेंशन मोबाइल नेटवर्क संपर्क मार्ग विद्यालय उच्चीकरण सामुदायिक भवन सोलर लाइट और अन्य स्थानीय समस्याएं भी उठाई गईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी पहले से ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है उनका तुरंत निस्तारण किया जाए तथा दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अस्थायी समाधान भी सुनिश्चित किए जाएं। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल का निरीक्षण कर प्रसव सेवाओं दवा उपलब्धता चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति पेयजल शौचालय तथा स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रात्रि में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने प्रमुख दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने तथा इमरजेंसी कक्ष की मरम्मत एवं विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा चिकित्सा उपकरणों एवं विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा। तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया तथा आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने तथा मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण के लिए आधुनिक रिकॉर्ड रूम विकसित करने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण को गति देने के निर्देश भी दिए। इसके बाद राजस्व उपनिरीक्षकों की बैठक लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण फार्मर रजिस्ट्री अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। डिजिटाइजेशन कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने पटवारी चौकियों की मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनसुनवाई दिवस निर्धारित करने तथा राजस्व शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सभी राजस्व कार्मिकों को सक्रिय रहकर गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत डीडीओ मनविंदर कौर एसडीएम शालिनी मौर्य मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिवमोहन शुक्ला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राम सलोने अधिशासी अभियंता जल संस्थान अभिषेक वर्मा जल निगम के अजय बेलवाल विद्युत विभाग के बेगराज सिंह लोक निर्माण विभाग के विवेक कुमार बीडीओ देवेश पंत ग्रामोत्थान परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट तहसीलदार विद्यादत्त सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।