प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय चमोली में विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो.पी.सी. महालनोबिस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी ने प्रो.पी.सी.महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रो. महालनोबिस के जीवन उनके उल्लेखनीय कार्यों तथा भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत आधार प्रदान करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की विस्तृत जानकारी दी। विनय जोशी ने कहा कि विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े किसी भी देश और राज्य के आर्थिक विकास प्रभावी योजना निर्माण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का मजबूत आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण और उनका प्रभावी उपयोग सुशासन तथा बेहतर निर्णय प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना रखी गई है। संगोष्ठी में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर संकलन विश्लेषण और प्रभावी उपयोग के माध्यम से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन तथा जनहित में नीति निर्माण को और अधिक सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में अपर सांख्यिकी अधिकारी भूपाल सिंह अरविंद यादव सहायक सांख्यिकीय अधिकारी विश्व दीपक गौड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय चमोली में विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो.पी.सी. महालनोबिस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी ने प्रो.पी.सी.महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रो. महालनोबिस के जीवन उनके उल्लेखनीय कार्यों तथा भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत आधार प्रदान करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की विस्तृत जानकारी दी। विनय जोशी ने कहा कि विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े किसी भी देश और राज्य के आर्थिक विकास प्रभावी योजना निर्माण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का मजबूत आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण और उनका प्रभावी उपयोग सुशासन तथा बेहतर निर्णय प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना रखी गई है। संगोष्ठी में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर संकलन विश्लेषण और प्रभावी उपयोग के माध्यम से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन तथा जनहित में नीति निर्माण को और अधिक सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में अपर सांख्यिकी अधिकारी भूपाल सिंह अरविंद यादव सहायक सांख्यिकीय अधिकारी विश्व दीपक गौड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।