प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में पेयजल समस्याओं को लेकर जल संस्थान के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच महापौर आरती भंडारी ने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए स्पष्ट किया कि वह केवल नगर निगम के कार्यों तक सीमित नहीं हैं बल्कि श्रीनगर की जनता की हर समस्या के समाधान के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी हैं। सोमवार को जल संस्थान कार्यालय जीआईसी मार्ग पर भाजपा पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने पेयजल समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद जल संस्थान नगर की गंभीर पेयजल समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीन बना हुआ है। विशेष रूप से नालियों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों जर्जर जल संरचनाओं और अपर्याप्त जलापूर्ति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। धरने की सूचना मिलते ही महापौर आरती भंडारी मौके पर पहुंचीं और पार्षदों तथा स्थानीय नागरिकों से विस्तार से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की आवाज अनसुनी नहीं रहने दी जाएगी तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने जल संस्थान के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि श्रीनगर क्षेत्र की सभी नालियों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों को तत्काल हटाकर भूमिगत किया जाए। उन्होंने कहा कि नालियों के भीतर या ऊपर बिछी पाइपलाइनों से नालियां अवरुद्ध होती हैं पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित होती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। धरने के दौरान रामलीला मैदान क्षेत्र में घरों के सामने से गुजर रही पाइपलाइन हटाने, रामलीला मैदान चौराहे से पाण्डेय गली तक दक्षिणी हिस्से में अलग एवं सक्षम पेयजल पाइपलाइन बिछाने तथा पुरानी पानी की टंकी के स्थान पर नई टंकी के निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर आरती भंडारी ने रामलीला मैदान क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यदि जल संस्थान समय रहते समाधान नहीं करता है तो वह स्वयं इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर की जनता की हर समस्या उनकी अपनी समस्या है और चाहे मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो यदि जनता परेशान है तो वह उनके साथ खड़ी रहेंगी। महापौर के इस स्पष्ट और जनहितकारी रुख का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया। लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है। उनका मानना है कि महापौर की सक्रिय पहल से पेयजल समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई होने की उम्मीद बढ़ी है।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में पेयजल समस्याओं को लेकर जल संस्थान के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच महापौर आरती भंडारी ने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए स्पष्ट किया कि वह केवल नगर निगम के कार्यों तक सीमित नहीं हैं बल्कि श्रीनगर की जनता की हर समस्या के समाधान के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी हैं। सोमवार को जल संस्थान कार्यालय जीआईसी मार्ग पर भाजपा पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने पेयजल समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद जल संस्थान नगर की गंभीर पेयजल समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीन बना हुआ है। विशेष रूप से नालियों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों जर्जर जल संरचनाओं और अपर्याप्त जलापूर्ति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। धरने की सूचना मिलते ही महापौर आरती भंडारी मौके पर पहुंचीं और पार्षदों तथा स्थानीय नागरिकों से विस्तार से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की आवाज अनसुनी नहीं रहने दी जाएगी तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने जल संस्थान के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि श्रीनगर क्षेत्र की सभी नालियों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों को तत्काल हटाकर भूमिगत किया जाए। उन्होंने कहा कि नालियों के भीतर या ऊपर बिछी पाइपलाइनों से नालियां अवरुद्ध होती हैं पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित होती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। धरने के दौरान रामलीला मैदान क्षेत्र में घरों के सामने से गुजर रही पाइपलाइन हटाने, रामलीला मैदान चौराहे से पाण्डेय गली तक दक्षिणी हिस्से में अलग एवं सक्षम पेयजल पाइपलाइन बिछाने तथा पुरानी पानी की टंकी के स्थान पर नई टंकी के निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर आरती भंडारी ने रामलीला मैदान क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यदि जल संस्थान समय रहते समाधान नहीं करता है तो वह स्वयं इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर की जनता की हर समस्या उनकी अपनी समस्या है और चाहे मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो यदि जनता परेशान है तो वह उनके साथ खड़ी रहेंगी। महापौर के इस स्पष्ट और जनहितकारी रुख का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया। लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है। उनका मानना है कि महापौर की सक्रिय पहल से पेयजल समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई होने की उम्मीद बढ़ी है।