राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पौड़ी में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग से समय पर हो रहा उपचार और दिख रहा सकारात्मक प्रभाव
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में स्कूली बच्चों व आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग होने से विभिन्न बीमारियों का पता समय रहते चलने व बच्चों का ससमय उपचार होने से यह कार्यक्रम बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 54789 बच्चों की विभिन्न स्कूलों व 47368 बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों में स्क्रीनिंग की गई जिसमें से गंभीर बीमारी से ग्रसित 97 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया जिसमें 5 बच्चों की क्लब फुट 7 बच्चों की हृदय रोग नेत्र,कान,होंठ,आदि रोगों के 20 बच्चों की अलग-अलग सर्जरी कर उनका उपचार किया गया व अन्य बच्चों का उपचार चल रहा हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 15 टीमें कार्यरत हैं जिनके माध्यम से विभिन्न स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी स्क्रीनिंग की जाती है स्क्रीनिंग के साथ ही जन्मजात विकृति वाले बच्चों की जानकारी डिलीवरी प्वाइंट से आशा,व अन्य स्वास्थ्य कर्मी द्वारा मिलने के उपरांत हायर सेंटर रेफर होने वाले बच्चों को 4000 रु.प्रति राउंड किराया,भोजन,रहने इत्यादि की सुविधा हेतु जनपद स्तर से धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर की जाती है जो कि उपचार उपरांत टीम को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करने के उपरांत अभिभावकों के खाते में जमा की जाती है वर्ष 2024-25 में कुल 97 बच्चों पर 446500 रु.की धनराशि व्यय की गई है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पौड़ी में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग से समय पर हो रहा उपचार और दिख रहा सकारात्मक प्रभाव
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में स्कूली बच्चों व आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग होने से विभिन्न बीमारियों का पता समय रहते चलने व बच्चों का ससमय उपचार होने से यह कार्यक्रम बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 54789 बच्चों की विभिन्न स्कूलों व 47368 बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों में स्क्रीनिंग की गई जिसमें से गंभीर बीमारी से ग्रसित 97 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया जिसमें 5 बच्चों की क्लब फुट 7 बच्चों की हृदय रोग नेत्र,कान,होंठ,आदि रोगों के 20 बच्चों की अलग-अलग सर्जरी कर उनका उपचार किया गया व अन्य बच्चों का उपचार चल रहा हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 15 टीमें कार्यरत हैं जिनके माध्यम से विभिन्न स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी स्क्रीनिंग की जाती है स्क्रीनिंग के साथ ही जन्मजात विकृति वाले बच्चों की जानकारी डिलीवरी प्वाइंट से आशा,व अन्य स्वास्थ्य कर्मी द्वारा मिलने के उपरांत हायर सेंटर रेफर होने वाले बच्चों को 4000 रु.प्रति राउंड किराया,भोजन,रहने इत्यादि की सुविधा हेतु जनपद स्तर से धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर की जाती है जो कि उपचार उपरांत टीम को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करने के उपरांत अभिभावकों के खाते में जमा की जाती है वर्ष 2024-25 में कुल 97 बच्चों पर 446500 रु.की धनराशि व्यय की गई है।