प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ.निखिल के. कनोडिया आईपीएस ने श्री बद्रीनाथ गोविन्दघाट एवं घांघरिया स्थित हेलीपेडों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपेडों के परिचालन क्षेत्र आधारभूत संरचना सुरक्षा प्रबंध एवं संचालन व्यवस्था का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अलका अग्रवाल भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बद्रीनाथ धाम पहुंची थीं। मंदिर परिसर में उनका पर्स कहीं गुम हो गया जिसमें लगभग 5,000 रुपये नकद रखे हुए थे। पर्स मिलने पर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी कृष्णा पंडवाल हेड कांस्टेबल दिवाकर सती तथा कांस्टेबल हरीश ने तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स को सुरक्षित रखा। सत्यापन के बाद पर्स उसकी वास्तविक स्वामिनी अलका अग्रवाल को सकुशल वापस सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ पर्स एवं धनराशि वापस मिलने पर अलका अग्रवाल ने बद्रीनाथ पुलिस तथा मंदिर समिति के कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी ईमानदारी संवेदनशीलता एवं सेवा भावना की सराहना की।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ.निखिल के. कनोडिया आईपीएस ने श्री बद्रीनाथ गोविन्दघाट एवं घांघरिया स्थित हेलीपेडों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपेडों के परिचालन क्षेत्र आधारभूत संरचना सुरक्षा प्रबंध एवं संचालन व्यवस्था का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अलका अग्रवाल भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बद्रीनाथ धाम पहुंची थीं। मंदिर परिसर में उनका पर्स कहीं गुम हो गया जिसमें लगभग 5,000 रुपये नकद रखे हुए थे। पर्स मिलने पर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी कृष्णा पंडवाल हेड कांस्टेबल दिवाकर सती तथा कांस्टेबल हरीश ने तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स को सुरक्षित रखा। सत्यापन के बाद पर्स उसकी वास्तविक स्वामिनी अलका अग्रवाल को सकुशल वापस सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ पर्स एवं धनराशि वापस मिलने पर अलका अग्रवाल ने बद्रीनाथ पुलिस तथा मंदिर समिति के कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी ईमानदारी संवेदनशीलता एवं सेवा भावना की सराहना की।