प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुम्भ मेला-2027 की व्यापक तैयारियों के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखण्ड के अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी.अंशुमन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला आयुष अग्रवाल पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव तथा अपर पुलिस अधीक्षक सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र अनुषा बड़ोला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन ने कहा कि कुम्भ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे विशाल आयोजन की सुरक्षा यातायात प्रबंधन आपदा प्रबंधन भीड़ नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों को देखते हुए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और व्यवहारिक रूप से संवेदनशील बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता अनुशासन और समर्पण के साथ ग्रहण करें तथा कुम्भ मेला-2027 के दौरान इसका प्रभावी उपयोग करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भीड़ प्रबंधन यातायात व्यवस्था आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन संचार प्रणाली डिजिटल तकनीकों के उपयोग जनसंपर्क कौशल महिला एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा सहायता संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश देवली तथा सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल सहित अनुभवी विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे जिससे पुलिस कार्मिकों की कार्यकुशलता और आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने कुम्भ मेला-2027 को सुरक्षित सुव्यवस्थित श्रद्धालु-अनुकूल एवं सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का सामूहिक संकल्प भी लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस बल को आगामी कुम्भ मेले की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुम्भ मेला-2027 की व्यापक तैयारियों के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखण्ड के अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी.अंशुमन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला आयुष अग्रवाल पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव तथा अपर पुलिस अधीक्षक सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र अनुषा बड़ोला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन ने कहा कि कुम्भ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे विशाल आयोजन की सुरक्षा यातायात प्रबंधन आपदा प्रबंधन भीड़ नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों को देखते हुए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और व्यवहारिक रूप से संवेदनशील बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता अनुशासन और समर्पण के साथ ग्रहण करें तथा कुम्भ मेला-2027 के दौरान इसका प्रभावी उपयोग करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भीड़ प्रबंधन यातायात व्यवस्था आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन संचार प्रणाली डिजिटल तकनीकों के उपयोग जनसंपर्क कौशल महिला एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा सहायता संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश देवली तथा सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल सहित अनुभवी विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे जिससे पुलिस कार्मिकों की कार्यकुशलता और आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने कुम्भ मेला-2027 को सुरक्षित सुव्यवस्थित श्रद्धालु-अनुकूल एवं सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का सामूहिक संकल्प भी लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस बल को आगामी कुम्भ मेले की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।