प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में मानसून सीजन के दौरान सड़क मार्गों को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशों पर संभावित भूस्खलन मलबा आने तथा पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से त्वरित निस्तारण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि आमजन चारधाम यात्रियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने बताया कि विभाग ने जनपद के विभिन्न भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही 17 जेसीबी मशीनें तैनात कर दी हैं। इनमें रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्यालसू खांकरा गोर्ती तैला बैण्ड छेनागाड़ घेंघड़खाल रैंतोली रणधार काण्डई चोपता जैली रतनपुर बैण्ड चोपड़ा बेडूबगड़ नगरासू तथा जवाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सड़क मार्ग के अवरुद्ध होने भूस्खलन से मलबा आने अथवा पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही संबंधित टीमें तत्काल मौके पर पहुंचें और 10 से 30 मिनट के भीतर राहत एवं मार्ग खोलने का कार्य शुरू करें जिससे यातायात शीघ्र सामान्य किया जा सके। अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग की ओर से प्रतिदिन सभी सड़क मार्गों की निगरानी की जा रही है। मार्गों के खुलने और बंद होने संबंधी सूचनाएं नियमित रूप से जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही इन सूचनाओं को ऑनलाइन पोर्टल पर भी लगातार अपडेट किया जा रहा है जिससे प्रशासन और आमजन को समय पर सही जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में हुई बारिश के दौरान जनपद के कुछ स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। सूचना मिलते ही विभागीय टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और उन्होंने स्वयं भी टीम के साथ घटनास्थलों का निरीक्षण कर मार्गों को शीघ्र सुचारू कराने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई। मानसून के दौरान सड़कों की बेहतर देखरेख के लिए विभाग को आउटसोर्सिंग के माध्यम से 37 अतिरिक्त कार्मिक भी उपलब्ध कराए गए हैं। ये कार्मिक सड़क किनारे नालियों की सफाई खरपतवार हटाने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का कार्य लगातार कर रहे हैं। इससे वर्षा के दौरान जलभराव और मलबा जमा होने की समस्या कम होगी तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि मानसून अवधि के दौरान जनपद के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों मशीनों और मानव बल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि आमजन और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में मानसून सीजन के दौरान सड़क मार्गों को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशों पर संभावित भूस्खलन मलबा आने तथा पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से त्वरित निस्तारण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि आमजन चारधाम यात्रियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने बताया कि विभाग ने जनपद के विभिन्न भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही 17 जेसीबी मशीनें तैनात कर दी हैं। इनमें रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्यालसू खांकरा गोर्ती तैला बैण्ड छेनागाड़ घेंघड़खाल रैंतोली रणधार काण्डई चोपता जैली रतनपुर बैण्ड चोपड़ा बेडूबगड़ नगरासू तथा जवाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सड़क मार्ग के अवरुद्ध होने भूस्खलन से मलबा आने अथवा पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही संबंधित टीमें तत्काल मौके पर पहुंचें और 10 से 30 मिनट के भीतर राहत एवं मार्ग खोलने का कार्य शुरू करें जिससे यातायात शीघ्र सामान्य किया जा सके। अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग की ओर से प्रतिदिन सभी सड़क मार्गों की निगरानी की जा रही है। मार्गों के खुलने और बंद होने संबंधी सूचनाएं नियमित रूप से जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही इन सूचनाओं को ऑनलाइन पोर्टल पर भी लगातार अपडेट किया जा रहा है जिससे प्रशासन और आमजन को समय पर सही जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में हुई बारिश के दौरान जनपद के कुछ स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। सूचना मिलते ही विभागीय टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और उन्होंने स्वयं भी टीम के साथ घटनास्थलों का निरीक्षण कर मार्गों को शीघ्र सुचारू कराने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई। मानसून के दौरान सड़कों की बेहतर देखरेख के लिए विभाग को आउटसोर्सिंग के माध्यम से 37 अतिरिक्त कार्मिक भी उपलब्ध कराए गए हैं। ये कार्मिक सड़क किनारे नालियों की सफाई खरपतवार हटाने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का कार्य लगातार कर रहे हैं। इससे वर्षा के दौरान जलभराव और मलबा जमा होने की समस्या कम होगी तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि मानसून अवधि के दौरान जनपद के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों मशीनों और मानव बल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि आमजन और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।