प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर में व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण को लेकर उठे विवाद के बीच महापौर आरती भंडारी ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि जब तक व्यापारियों की समस्याओं और आपत्तियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक बढ़े हुए कमर्शियल स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। महापौर के इस फैसले का बैठक में मौजूद व्यापारियों ने स्वागत किया। वहीं बैठक के दौरान नगर निगम श्रीनगर की सफाई व्यवस्था की भी व्यापारियों ने खुलकर सराहना की। व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल और कोषाध्यक्ष पंकज नेगी के आह्वान पर नगर निगम सभागार में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण बाजार की यातायात व्यवस्था तथा शहर से जुड़ी अन्य जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष पंकज नेगी ने महापौर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि श्रीनगर एक पर्वतीय नगर है जहां व्यापारिक परिस्थितियां मैदानी शहरों से पूरी तरह अलग हैं। यहां अधिकांश व्यापारी छोटे और मध्यम वर्ग से जुड़े हैं तथा व्यापार का दायरा भी सीमित है। ऐसे में वर्तमान स्वकर निर्धारण स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। व्यापार सभा ने मांग की कि व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण की दोबारा समीक्षा की जाए श्रीनगर की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को आधार बनाया जाए व्यापारियों के साथ संयुक्त बैठक कर सभी आपत्तियों का समाधान किया जाए पुनः परीक्षण पूरा होने तक बढ़े हुए स्वकर की वसूली पर रोक लगाई जाए तथा छोटे और मध्यम व्यापारियों को विशेष राहत प्रदान की जाए। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि सरकार की ओर से सभी नगर निगमों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में व्यावसायिक स्वकर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर नगर निगम बोर्ड ने प्रदेश में सबसे कम स्वकर दर को स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि वह लगातार शासन और सरकार के स्तर पर प्रयास कर रही हैं ताकि श्रीनगर के व्यापारियों पर न्यूनतम कर का बोझ पड़े। महापौर ने स्पष्ट कहा कि वह श्रीनगर के व्यापारियों के हितों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने घोषणा की कि जब तक व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक बढ़े हुए कमर्शियल स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि श्रीनगर पर देहरादून हरिद्वार और रुड़की जैसे बड़े शहरों की तरह कर का अतिरिक्त बोझ न पड़े। महापौर ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही व्यापार सभा के प्रतिनिधियों नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी जो स्वकर निर्धारण से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा कर समाधान का रास्ता निकालेगी। बैठक में बाजार की यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि नगर निगम पुलिस विभाग और व्यापारियों के साथ संयुक्त बैठक कर बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने कहा कि शहर में मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की समस्या के समाधान के लिए पुलिस और समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाजार क्षेत्र से अधिकांश निराश्रित गौवंशों को गौशाला भेजा जा चुका है तथा शेष समस्या के समाधान के लिए भी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में कर निरीक्षक नवीन ने व्यापारियों को स्वकर प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था शासन के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है। उन्होंने व्यापारियों की ओर से उठाई गई शंकाओं और सवालों का भी विस्तार से समाधान किया। बैठक के दौरान वरिष्ठ व्यापारी ओम प्रकाश गोदियाल ने मंच से नगर निगम श्रीनगर की सफाई व्यवस्था की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है जिसके लिए महापौर आरती भंडारी और नगर निगम की पूरी टीम बधाई की पात्र है। उनके संबोधन के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित व्यापारियों ने भी तालियां बजाकर नगर निगम की कार्यशैली की सराहना की। बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल कोषाध्यक्ष पंकज नेगी निवर्तमान व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल प्रवीण अग्रवाल ओम प्रकाश गोदियाल सुजीत अग्रवाल बृजेश भट्ट नवनीत जैन सुरेंद्र चौहान आशीष पंवार जगमोहन कालरा अनिल पंवार सहित शहर के वरिष्ठ व्यापारी नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि नगर निगम और व्यापारियों के बीच आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से स्वकर निर्धारण से जुड़े विवाद का समाधान निकाला जाएगा तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए व्यावहारिक और संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर में व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण को लेकर उठे विवाद के बीच महापौर आरती भंडारी ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि जब तक व्यापारियों की समस्याओं और आपत्तियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक बढ़े हुए कमर्शियल स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। महापौर के इस फैसले का बैठक में मौजूद व्यापारियों ने स्वागत किया। वहीं बैठक के दौरान नगर निगम श्रीनगर की सफाई व्यवस्था की भी व्यापारियों ने खुलकर सराहना की। व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल और कोषाध्यक्ष पंकज नेगी के आह्वान पर नगर निगम सभागार में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण बाजार की यातायात व्यवस्था तथा शहर से जुड़ी अन्य जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष पंकज नेगी ने महापौर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि श्रीनगर एक पर्वतीय नगर है जहां व्यापारिक परिस्थितियां मैदानी शहरों से पूरी तरह अलग हैं। यहां अधिकांश व्यापारी छोटे और मध्यम वर्ग से जुड़े हैं तथा व्यापार का दायरा भी सीमित है। ऐसे में वर्तमान स्वकर निर्धारण स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। व्यापार सभा ने मांग की कि व्यावसायिक संपत्तियों के स्वकर निर्धारण की दोबारा समीक्षा की जाए श्रीनगर की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को आधार बनाया जाए व्यापारियों के साथ संयुक्त बैठक कर सभी आपत्तियों का समाधान किया जाए पुनः परीक्षण पूरा होने तक बढ़े हुए स्वकर की वसूली पर रोक लगाई जाए तथा छोटे और मध्यम व्यापारियों को विशेष राहत प्रदान की जाए। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि सरकार की ओर से सभी नगर निगमों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में व्यावसायिक स्वकर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर नगर निगम बोर्ड ने प्रदेश में सबसे कम स्वकर दर को स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि वह लगातार शासन और सरकार के स्तर पर प्रयास कर रही हैं ताकि श्रीनगर के व्यापारियों पर न्यूनतम कर का बोझ पड़े। महापौर ने स्पष्ट कहा कि वह श्रीनगर के व्यापारियों के हितों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने घोषणा की कि जब तक व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक बढ़े हुए कमर्शियल स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि श्रीनगर पर देहरादून हरिद्वार और रुड़की जैसे बड़े शहरों की तरह कर का अतिरिक्त बोझ न पड़े। महापौर ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही व्यापार सभा के प्रतिनिधियों नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी जो स्वकर निर्धारण से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा कर समाधान का रास्ता निकालेगी। बैठक में बाजार की यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि नगर निगम पुलिस विभाग और व्यापारियों के साथ संयुक्त बैठक कर बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने कहा कि शहर में मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की समस्या के समाधान के लिए पुलिस और समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाजार क्षेत्र से अधिकांश निराश्रित गौवंशों को गौशाला भेजा जा चुका है तथा शेष समस्या के समाधान के लिए भी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में कर निरीक्षक नवीन ने व्यापारियों को स्वकर प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था शासन के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है। उन्होंने व्यापारियों की ओर से उठाई गई शंकाओं और सवालों का भी विस्तार से समाधान किया। बैठक के दौरान वरिष्ठ व्यापारी ओम प्रकाश गोदियाल ने मंच से नगर निगम श्रीनगर की सफाई व्यवस्था की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है जिसके लिए महापौर आरती भंडारी और नगर निगम की पूरी टीम बधाई की पात्र है। उनके संबोधन के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित व्यापारियों ने भी तालियां बजाकर नगर निगम की कार्यशैली की सराहना की। बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा व्यापार सभा महासचिव छवि अग्रवाल कोषाध्यक्ष पंकज नेगी निवर्तमान व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल प्रवीण अग्रवाल ओम प्रकाश गोदियाल सुजीत अग्रवाल बृजेश भट्ट नवनीत जैन सुरेंद्र चौहान आशीष पंवार जगमोहन कालरा अनिल पंवार सहित शहर के वरिष्ठ व्यापारी नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि नगर निगम और व्यापारियों के बीच आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से स्वकर निर्धारण से जुड़े विवाद का समाधान निकाला जाएगा तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए व्यावहारिक और संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।