प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जनपद हरिद्वार में शौर्य दिवस हर्षोल्लास गौरव और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। जिला सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कारगिल शहीदों और अन्य शहीद सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में शहीद सैनिकों की वीर नारियां उनके परिजन भूतपूर्व सैनिक अधिकारी कर्मचारी एनसीसी कैडेट तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 27 वर्ष पूर्व भारतीय सैनिकों ने दुश्मन को खदेड़ते हुए कारगिल युद्ध में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी जिनका राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने वीर सैनिकों और उनके माता-पिता को श्रद्धापूर्वक नमन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय सैनिक विषम और कठिन परिस्थितियों में सीमाओं पर तैनात रहकर निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों सीमा पर तैनात सैनिकों के परिजनों तथा भूतपूर्व सैनिकों की किसी भी समस्या का जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपनी समस्याएं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि उनका शीघ्र निराकरण किया जा सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद के आठ वीर शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं उनके परिजनों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों तथा खेल विभाग छात्रावास के बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ियों को हॉकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने कहा कि कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस शौर्य और सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस देशभक्ति वीरता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। हमें अपने वीर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राष्ट्र की एकता अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने भी वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र व्यक्तियों विशेष रूप से भूतपूर्व सैनिकों वर्तमान सैनिकों उनके आश्रितों महिलाओं वरिष्ठ नागरिकों दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने उपस्थित सैनिकों और उनके परिवारों से किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) डॉ.सरिता पंवार ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध 8 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक 78 दिनों तक चला। इस युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर सैनिक शहीद हुए जिनमें जनपद हरिद्वार के राइफलमैन मान सिंह गोसाईं ने 29 जून 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि वीर नारियों शहीद सैनिकों के परिजनों भूतपूर्व सैनिकों अधिकारियों कर्मचारियों एनसीसी कैडेटों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सूबेदार सुधीर चंद्र शहीद सैनिकों की वीर नारियां भूतपूर्व सैनिक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत सैनिक संगठनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जनपद हरिद्वार में शौर्य दिवस हर्षोल्लास गौरव और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। जिला सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कारगिल शहीदों और अन्य शहीद सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में शहीद सैनिकों की वीर नारियां उनके परिजन भूतपूर्व सैनिक अधिकारी कर्मचारी एनसीसी कैडेट तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 27 वर्ष पूर्व भारतीय सैनिकों ने दुश्मन को खदेड़ते हुए कारगिल युद्ध में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी जिनका राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने वीर सैनिकों और उनके माता-पिता को श्रद्धापूर्वक नमन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय सैनिक विषम और कठिन परिस्थितियों में सीमाओं पर तैनात रहकर निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों सीमा पर तैनात सैनिकों के परिजनों तथा भूतपूर्व सैनिकों की किसी भी समस्या का जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपनी समस्याएं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि उनका शीघ्र निराकरण किया जा सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद के आठ वीर शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं उनके परिजनों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों तथा खेल विभाग छात्रावास के बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ियों को हॉकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने कहा कि कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस शौर्य और सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस देशभक्ति वीरता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। हमें अपने वीर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राष्ट्र की एकता अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने भी वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र व्यक्तियों विशेष रूप से भूतपूर्व सैनिकों वर्तमान सैनिकों उनके आश्रितों महिलाओं वरिष्ठ नागरिकों दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने उपस्थित सैनिकों और उनके परिवारों से किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) डॉ.सरिता पंवार ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध 8 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक 78 दिनों तक चला। इस युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर सैनिक शहीद हुए जिनमें जनपद हरिद्वार के राइफलमैन मान सिंह गोसाईं ने 29 जून 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि वीर नारियों शहीद सैनिकों के परिजनों भूतपूर्व सैनिकों अधिकारियों कर्मचारियों एनसीसी कैडेटों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सूबेदार सुधीर चंद्र शहीद सैनिकों की वीर नारियां भूतपूर्व सैनिक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत सैनिक संगठनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।