प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच मंगलवार से नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पौड़ी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने मेला ड्यूटी में तैनात समस्त पुलिस बल की ब्रीफिंग करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुगम आवागमन और बेहतर पुलिस व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसएसपी ने सभी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने पूरी सजगता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा समय पर अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन यातायात संचालन और आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी पुलिसकर्मी पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित यातायात योजना के अनुसार वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। कंट्रोल रूम से प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के भी निर्देश दिए गए। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद और बहुस्तरीय बनाने के लिए जनपद तथा बाहरी जनपदों से प्राप्त पुलिस पीएसी होमगार्ड और पीआरडी सहित कुल 1200 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दो जोन और 24 सेक्टरों में विभाजित कर संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र की 70 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके। यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 23 मोबाइल पार्टियां और दो इंटरसेप्टर वाहन लगातार भ्रमणशील रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा मार्गदर्शन और सहायता के लिए पांच अस्थायी पुलिस चौकियां तथा आठ खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। मेले में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों का मनोबल बनाए रखने और उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पुलिस वेलफेयर की एक विशेष टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो अपर पुलिस अधीक्षक पांच क्षेत्राधिकारी 16 निरीक्षक 85 उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक 13 महिला उपनिरीक्षक 315 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी 30 महिला मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी 140 होमगार्ड 135 पीआरडी जवान एसडीआरएफ की दो टीमें पीएसी की एक कंपनी एवं दो प्लाटून (150 जवान) पैरा मिलिट्री की एक प्लाटून एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की एक टीम तथा 200 रिक्रूट आरक्षियों को तैनात किया गया है। ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर उप सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी जोधराम जोशी अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला उप जिलाधिकारी यमकेश्वर चतर सिंह चौहान पुलिस उपाधीक्षक अनुज कुमार क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई पुलिस उपाधीक्षक अन्ना राम आर्या तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र खाती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच मंगलवार से नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पौड़ी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने मेला ड्यूटी में तैनात समस्त पुलिस बल की ब्रीफिंग करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुगम आवागमन और बेहतर पुलिस व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसएसपी ने सभी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने पूरी सजगता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा समय पर अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन यातायात संचालन और आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी पुलिसकर्मी पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित यातायात योजना के अनुसार वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। कंट्रोल रूम से प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के भी निर्देश दिए गए। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद और बहुस्तरीय बनाने के लिए जनपद तथा बाहरी जनपदों से प्राप्त पुलिस पीएसी होमगार्ड और पीआरडी सहित कुल 1200 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दो जोन और 24 सेक्टरों में विभाजित कर संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र की 70 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके। यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 23 मोबाइल पार्टियां और दो इंटरसेप्टर वाहन लगातार भ्रमणशील रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा मार्गदर्शन और सहायता के लिए पांच अस्थायी पुलिस चौकियां तथा आठ खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। मेले में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों का मनोबल बनाए रखने और उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पुलिस वेलफेयर की एक विशेष टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो अपर पुलिस अधीक्षक पांच क्षेत्राधिकारी 16 निरीक्षक 85 उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक 13 महिला उपनिरीक्षक 315 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी 30 महिला मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी 140 होमगार्ड 135 पीआरडी जवान एसडीआरएफ की दो टीमें पीएसी की एक कंपनी एवं दो प्लाटून (150 जवान) पैरा मिलिट्री की एक प्लाटून एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की एक टीम तथा 200 रिक्रूट आरक्षियों को तैनात किया गया है। ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर उप सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी जोधराम जोशी अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला उप जिलाधिकारी यमकेश्वर चतर सिंह चौहान पुलिस उपाधीक्षक अनुज कुमार क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई पुलिस उपाधीक्षक अन्ना राम आर्या तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र खाती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।