प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) तथा गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधीक्षण अभियंता वी.के.सिंह ने जनपद में संचालित और निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं एसटीपी तथा गंगा संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। सहायक अभियंता निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती ने बताया कि ऋषिकेश-ढालवाला में निर्माणाधीन 8 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में प्लांट में सीवर जल का उपचार किया जा रहा है। वहीं 300 केएलडी एसटीपी प्लांट के निर्माण में आ रही बाधाओं पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर तथा परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को आपसी समन्वय के साथ बैठक आयोजित कर निर्माण कार्य को शीघ्र दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सीवर लाइन से जुड़े भवनों और घरों की सूची के साथ-साथ सेप्टेज प्रबंधन के लिए पंजीकृत वाहनों एवं वेंडरों की सूची अगली बैठक में उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 20 या उससे अधिक कमरों वाले सभी होटलों में एसटीपी अथवा ईटीपी प्लांट स्थापित हैं या नहीं इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाए। बैठक में अधिशासी अभियंता अजय कुमाऊ ने बताया कि तपोवन स्थित 3.5 एमएलडी एसटीपी वर्तमान में सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। साथ ही गंगा पल्स पोर्टल पर उपलब्ध इनलेट एवं आउटलेट का डेटा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण स्वच्छता और सीवरेज परियोजनाओं से जुड़े सभी कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि गंगा संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रशांत भारद्वाज गंगा समिति के अरुण उनियाल सहित संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) तथा गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधीक्षण अभियंता वी.के.सिंह ने जनपद में संचालित और निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं एसटीपी तथा गंगा संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। सहायक अभियंता निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती ने बताया कि ऋषिकेश-ढालवाला में निर्माणाधीन 8 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में प्लांट में सीवर जल का उपचार किया जा रहा है। वहीं 300 केएलडी एसटीपी प्लांट के निर्माण में आ रही बाधाओं पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर तथा परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को आपसी समन्वय के साथ बैठक आयोजित कर निर्माण कार्य को शीघ्र दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सीवर लाइन से जुड़े भवनों और घरों की सूची के साथ-साथ सेप्टेज प्रबंधन के लिए पंजीकृत वाहनों एवं वेंडरों की सूची अगली बैठक में उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 20 या उससे अधिक कमरों वाले सभी होटलों में एसटीपी अथवा ईटीपी प्लांट स्थापित हैं या नहीं इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाए। बैठक में अधिशासी अभियंता अजय कुमाऊ ने बताया कि तपोवन स्थित 3.5 एमएलडी एसटीपी वर्तमान में सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। साथ ही गंगा पल्स पोर्टल पर उपलब्ध इनलेट एवं आउटलेट का डेटा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण स्वच्छता और सीवरेज परियोजनाओं से जुड़े सभी कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि गंगा संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रशांत भारद्वाज गंगा समिति के अरुण उनियाल सहित संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।