प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। हरेला महाभियान के अंतर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में पर्यावरण संरक्षण के साथ जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में औषधीय उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य औषधीय पौधों का संरक्षण आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को स्वस्थ और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत जनपद के 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में औषधीय उद्यान स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सालय की ओर से 1.70 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का रोपण कराया जा रहा है। आरोग्य मंदिर परिसरों के साथ-साथ गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर भी इन पौधों को लगाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इनके महत्व और उपयोगिता से परिचित हो सकें। औषधीय उद्यानों में तुलसी अश्वगंधा गिलोय लेमनग्रास एलोवेरा ब्राह्मी पुदीना सहित अनेक औषधीय एवं सुगंधित प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता के संवर्धन तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही आमजन को घरेलू उपचारों और आयुर्वेदिक औषधियों के महत्व की व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध होगी। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि औषधीय उद्यान विकसित करने का उद्देश्य प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर को स्वास्थ्य जागरूकता का जीवंत केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि इन उद्यानों के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों की पहचान उनके औषधीय गुणों तथा दैनिक जीवन में उनके उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इससे आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और समाज में प्राकृतिक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूकता आएगी। उन्होंने बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। हरेला महाभियान के अंतर्गत लगाए जा रहे औषधीय एवं सुगंधित पौधे आने वाले समय में स्वच्छ वातावरण हरित परिवेश और स्वास्थ्य जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल उपचार केंद्र ही नहीं बल्कि आयुर्वेद प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा के प्रेरणा केंद्र के रूप में भी विकसित होंगे। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल को प्रशासन की दूरदर्शी सोच पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता और स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी सतत विकास और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव बन सकते हैं।
Spread the love
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। हरेला महाभियान के अंतर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में पर्यावरण संरक्षण के साथ जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में औषधीय उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य औषधीय पौधों का संरक्षण आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को स्वस्थ और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत जनपद के 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में औषधीय उद्यान स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सालय की ओर से 1.70 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का रोपण कराया जा रहा है। आरोग्य मंदिर परिसरों के साथ-साथ गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर भी इन पौधों को लगाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इनके महत्व और उपयोगिता से परिचित हो सकें। औषधीय उद्यानों में तुलसी अश्वगंधा गिलोय लेमनग्रास एलोवेरा ब्राह्मी पुदीना सहित अनेक औषधीय एवं सुगंधित प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता के संवर्धन तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही आमजन को घरेलू उपचारों और आयुर्वेदिक औषधियों के महत्व की व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध होगी। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि औषधीय उद्यान विकसित करने का उद्देश्य प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर को स्वास्थ्य जागरूकता का जीवंत केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि इन उद्यानों के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों की पहचान उनके औषधीय गुणों तथा दैनिक जीवन में उनके उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इससे आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और समाज में प्राकृतिक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूकता आएगी। उन्होंने बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। हरेला महाभियान के अंतर्गत लगाए जा रहे औषधीय एवं सुगंधित पौधे आने वाले समय में स्वच्छ वातावरण हरित परिवेश और स्वास्थ्य जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल उपचार केंद्र ही नहीं बल्कि आयुर्वेद प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा के प्रेरणा केंद्र के रूप में भी विकसित होंगे। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल को प्रशासन की दूरदर्शी सोच पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता और स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी सतत विकास और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव बन सकते हैं।