प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में सक्रिय मानसून संभावित अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग–श्रीनगर लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी पुलों और सेतुओं का तत्काल संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए सभी पुलों और सेतुओं की वर्तमान स्थिति का गहन निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच के साथ-साथ संभावित जोखिमों का भी विस्तृत परीक्षण किया जाए ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी किसी पुल या सेतु में किसी प्रकार की तकनीकी कमी अथवा सुरक्षा संबंधी खतरा दिखाई दे वहां तत्काल सुरक्षात्मक और सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सेफ्टी ऑडिट पूरा होने के बाद संबंधित विभाग प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराते हुए यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी पुलों और सेतुओं का सुरक्षा निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून अवधि के दौरान जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में सक्रिय मानसून संभावित अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग–श्रीनगर लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी पुलों और सेतुओं का तत्काल संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए सभी पुलों और सेतुओं की वर्तमान स्थिति का गहन निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच के साथ-साथ संभावित जोखिमों का भी विस्तृत परीक्षण किया जाए ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी किसी पुल या सेतु में किसी प्रकार की तकनीकी कमी अथवा सुरक्षा संबंधी खतरा दिखाई दे वहां तत्काल सुरक्षात्मक और सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सेफ्टी ऑडिट पूरा होने के बाद संबंधित विभाग प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराते हुए यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी पुलों और सेतुओं का सुरक्षा निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून अवधि के दौरान जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।