प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई है। गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। जानकारी के अनुसार गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर गिरने से पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और एहतियातन यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित विभागों के अधिकारियों राहत एवं बचाव दलों और मार्ग बहाली से जुड़े कर्मचारियों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। मार्ग से मलबा हटाने और यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ी से रुक-रुक कर मलबा तथा पत्थर गिरने के कारण राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि बिना अनुमति के आगे बढ़ने का प्रयास न करें तथा प्रशासन पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही केदारनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा सुचारु रूप से शुरू की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई है। गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। जानकारी के अनुसार गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर गिरने से पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और एहतियातन यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित विभागों के अधिकारियों राहत एवं बचाव दलों और मार्ग बहाली से जुड़े कर्मचारियों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। मार्ग से मलबा हटाने और यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ी से रुक-रुक कर मलबा तथा पत्थर गिरने के कारण राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि बिना अनुमति के आगे बढ़ने का प्रयास न करें तथा प्रशासन पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही केदारनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा सुचारु रूप से शुरू की जाएगी।