प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की पहल पर जनपद हरिद्वार में 'बीज-संजीवनी अभियान' का शुभारंभ किया गया है। अभियान के तहत फल एवं सब्जियों के बीजों को सुरक्षित रखकर उनसे पौधे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए जनपद के सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग में 500-500 पौधे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने बताया कि आमतौर पर लोग फल और सब्जियों का सेवन करने के बाद उनके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं जबकि इन्हीं बीजों से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण हरियाली बढ़ाने और जैव विविधता के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अभियान में जनपद के सभी शासकीय विभागों कार्यालयों विद्यालयों सार्वजनिक उपक्रमों नगर निकायों तथा सहायता प्राप्त संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर बीजों से पौधे तैयार करेगा जिससे जनभागीदारी के माध्यम से बड़े स्तर पर पौधारोपण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत तैयार किए गए पौधों का रोपण आगामी हरेला पर्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य पौधारोपण कार्यक्रमों के दौरान किया जाएगा। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की गई है ताकि कम लागत में स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए जा सकें। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार घरों से निकलने वाले फल एवं सब्जियों के बीजों को सुरक्षित रखकर उनसे पौधे तैयार करने का संकल्प ले तो हरिद्वार में लाखों पौधों का रोपण संभव हो सकेगा। इससे जनपद को अधिक हरित स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने अभियान का संदेश देते हुए कहा बीजों को मत फेंको उनसे भविष्य की हरियाली तैयार करो।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की पहल पर जनपद हरिद्वार में ‘बीज-संजीवनी अभियान’ का शुभारंभ किया गया है। अभियान के तहत फल एवं सब्जियों के बीजों को सुरक्षित रखकर उनसे पौधे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए जनपद के सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग में 500-500 पौधे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने बताया कि आमतौर पर लोग फल और सब्जियों का सेवन करने के बाद उनके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं जबकि इन्हीं बीजों से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण हरियाली बढ़ाने और जैव विविधता के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अभियान में जनपद के सभी शासकीय विभागों कार्यालयों विद्यालयों सार्वजनिक उपक्रमों नगर निकायों तथा सहायता प्राप्त संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर बीजों से पौधे तैयार करेगा जिससे जनभागीदारी के माध्यम से बड़े स्तर पर पौधारोपण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत तैयार किए गए पौधों का रोपण आगामी हरेला पर्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य पौधारोपण कार्यक्रमों के दौरान किया जाएगा। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की गई है ताकि कम लागत में स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए जा सकें। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार घरों से निकलने वाले फल एवं सब्जियों के बीजों को सुरक्षित रखकर उनसे पौधे तैयार करने का संकल्प ले तो हरिद्वार में लाखों पौधों का रोपण संभव हो सकेगा। इससे जनपद को अधिक हरित स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने अभियान का संदेश देते हुए कहा बीजों को मत फेंको उनसे भविष्य की हरियाली तैयार करो।