प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के प्रभावी संचालन को लेकर शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श और परीक्षण किया गया तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई पर सहमति बनी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली और इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास परामर्श सहायक उपकरण चिकित्सकीय सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। बैठक के दौरान विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं ने डीडीआरसी के संचालन की कार्ययोजना से संबंधित अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए। संस्थाओं ने उपलब्ध मानव संसाधन तकनीकी क्षमता आवश्यक उपकरणों संचालित कार्यक्रमों तथा डीडीआरसी के माध्यम से प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी साझा की। साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं लाभों पर भी प्रस्तुति दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रस्तावों का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया। बैठक में प्राप्त सभी प्रस्तावों पर समिति द्वारा विस्तार से चर्चा की गई तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। बैठक में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल डॉ.अमित मेहरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के प्रभावी संचालन को लेकर शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श और परीक्षण किया गया तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई पर सहमति बनी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली और इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास परामर्श सहायक उपकरण चिकित्सकीय सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। बैठक के दौरान विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं ने डीडीआरसी के संचालन की कार्ययोजना से संबंधित अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए। संस्थाओं ने उपलब्ध मानव संसाधन तकनीकी क्षमता आवश्यक उपकरणों संचालित कार्यक्रमों तथा डीडीआरसी के माध्यम से प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी साझा की। साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं लाभों पर भी प्रस्तुति दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रस्तावों का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया। बैठक में प्राप्त सभी प्रस्तावों पर समिति द्वारा विस्तार से चर्चा की गई तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। बैठक में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल डॉ.अमित मेहरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।