प्रदीप कुमार
नीलकंठ-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। श्रावण मास कांवड़ यात्रा के दौरान जहां पुलिस बल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटा है वहीं ड्यूटी पर तैनात जवान सेवा संवेदनशीलता और समर्पण का भी अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। नीलकंठ पैदल यात्रा मार्ग पर तबीयत बिगड़ने से चलने में असमर्थ हुए एक श्रद्धालु की पुलिस जवानों ने समय रहते मदद कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार नीलकंठ पैदल यात्रा मार्ग पर एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत खराब हो गई जिससे उसे आगे बढ़ने में कठिनाई होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही वहां ड्यूटी पर तैनात रिक्रूट आरक्षी प्रकाश रावत और रिक्रूट आरक्षी प्रियंक जोशी तत्काल मौके पर पहुंचे। दोनों जवानों ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए अस्वस्थ श्रद्धालु को पुलिया खेत से धांधला पानी तक लगभग तीन किलोमीटर पैदल सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद श्रद्धालु को आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क कर जरूरी व्यवस्थाएं कराई गईं। बाद में अन्य पुलिस जवानों के सहयोग से धांधलापानी से मुख्य सड़क तक करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु को सुरक्षित पहुंचाया गया। वहां से उसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश अस्पताल भेजा गया। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस जवानों की इस मानवीय पहल की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सराहना की। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भी हर समय तत्पर रहती है।
