प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2026 इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और तीन माह का महत्वपूर्ण पड़ाव सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए चमोली जनपद पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में यात्रा शुरू होने के बाद तीन माह की अवधि में बद्रीनाथ धाम में कुल 12 लाख 15 हजार 612 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे जबकि वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या बढ़कर 15 लाख 47 हजार 578 पहुंच गई है। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 3 लाख 31 हजार 966 अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसी तरह हेमकुंड साहिब यात्रा में भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025 में दो माह की अवधि में 2 लाख 3 हजार 4 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए थे जबकि वर्ष 2026 में अब तक 2 लाख 19 हजार 379 श्रद्धालु पवित्र धाम में मत्था टेक चुके हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रभावी रणनीति और सतत निगरानी के चलते पूरी यात्रा शांतिपूर्ण सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी पार्किंग व्यवस्था भीड़ नियंत्रण लाउड हेलर के माध्यम से लगातार सूचना प्रसारण खोया-पाया केंद्रों का संचालन आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती तथा चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मौसम की चुनौती भूस्खलन की संभावनाओं और भारी यातायात दबाव के बीच भी पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता एवं समर्पण के साथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में जुटे हुए हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा का अनुभव कर रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2026 इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और तीन माह का महत्वपूर्ण पड़ाव सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए चमोली जनपद पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में यात्रा शुरू होने के बाद तीन माह की अवधि में बद्रीनाथ धाम में कुल 12 लाख 15 हजार 612 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे जबकि वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या बढ़कर 15 लाख 47 हजार 578 पहुंच गई है। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 3 लाख 31 हजार 966 अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसी तरह हेमकुंड साहिब यात्रा में भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025 में दो माह की अवधि में 2 लाख 3 हजार 4 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए थे जबकि वर्ष 2026 में अब तक 2 लाख 19 हजार 379 श्रद्धालु पवित्र धाम में मत्था टेक चुके हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रभावी रणनीति और सतत निगरानी के चलते पूरी यात्रा शांतिपूर्ण सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी पार्किंग व्यवस्था भीड़ नियंत्रण लाउड हेलर के माध्यम से लगातार सूचना प्रसारण खोया-पाया केंद्रों का संचालन आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती तथा चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मौसम की चुनौती भूस्खलन की संभावनाओं और भारी यातायात दबाव के बीच भी पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता एवं समर्पण के साथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में जुटे हुए हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा का अनुभव कर रहे हैं।