प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में फार्म फेंसिंग नीति (घेरबाड़ नीति) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सामुदायिक फार्म फेंसिंग के लिए लाभार्थियों के चयन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अन्य संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और सामुदायिक घेरबाड़ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि नई घेरबाड़ नीति लागू होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले घेरबाड़ निर्माण की लागत लगभग 1800 से 2000 रुपये प्रति रनिंग मीटर आती थी जबकि नई नीति के तहत यह लागत घटकर लगभग 572 रुपये प्रति रनिंग मीटर रह जाएगी। इससे अधिक से अधिक किसान कम लागत में अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि घेरबाड़ का कार्य ग्राम सभाओं कृषक समूहों किसान उत्पादक संगठनों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर कराया जाएगा। घेरबाड़ में 75×75 मिलीमीटर मेष आकार 3.15 मिलीमीटर मोटाई तथा 1.40 मीटर ऊंचाई वाली गुणवत्ता युक्त जाली का उपयोग किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए जनपद में 300 किलोमीटर सामुदायिक घेरबाड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित करना खेती को अधिक लाभकारी बनाना तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र ग्राम सभाओं कृषक समूहों किसान उत्पादक संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में चाय उत्पादन को बढ़ावा देने तथा चमोली की चाय की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं ताकि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में जनपद नई पहचान बना सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह सहित पशुपालन मत्स्य सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में फार्म फेंसिंग नीति (घेरबाड़ नीति) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सामुदायिक फार्म फेंसिंग के लिए लाभार्थियों के चयन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अन्य संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और सामुदायिक घेरबाड़ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि नई घेरबाड़ नीति लागू होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले घेरबाड़ निर्माण की लागत लगभग 1800 से 2000 रुपये प्रति रनिंग मीटर आती थी जबकि नई नीति के तहत यह लागत घटकर लगभग 572 रुपये प्रति रनिंग मीटर रह जाएगी। इससे अधिक से अधिक किसान कम लागत में अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि घेरबाड़ का कार्य ग्राम सभाओं कृषक समूहों किसान उत्पादक संगठनों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर कराया जाएगा। घेरबाड़ में 75×75 मिलीमीटर मेष आकार 3.15 मिलीमीटर मोटाई तथा 1.40 मीटर ऊंचाई वाली गुणवत्ता युक्त जाली का उपयोग किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए जनपद में 300 किलोमीटर सामुदायिक घेरबाड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित करना खेती को अधिक लाभकारी बनाना तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र ग्राम सभाओं कृषक समूहों किसान उत्पादक संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में चाय उत्पादन को बढ़ावा देने तथा चमोली की चाय की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं ताकि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में जनपद नई पहचान बना सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह सहित पशुपालन मत्स्य सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।