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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप निर्वाचक नामावली दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण नोटिस वितरण तथा सुनवाई की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जा चुका है। दावे एवं आपत्तियां 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक प्राप्त की जा रही हैं। नोटिसों की सुनवाई और दावों-आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा जबकि अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होगा। जनपद की छह विधानसभा सीटों के कुल 994 मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रारूप निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद में कुल 4 लाख 63 हजार 628 मतदाता दर्ज हैं। विधानसभावार समीक्षा में बताया गया कि घनसाली विधानसभा के 161 मतदान केंद्रों पर 85 हजार 81 मतदाता हैं जहां 21 हजार 94 नोटिस जारी किए जाने हैं। देवप्रयाग विधानसभा के 158 मतदान केंद्रों पर 75 हजार 437 मतदाता हैं और 19 हजार 131 नोटिस जारी किए जाएंगे। नरेन्द्रनगर विधानसभा के 175 मतदान केंद्रों पर 79 हजार 199 मतदाता हैं, जहां 20 हजार 758 नोटिस जारी होने हैं। प्रतापनगर विधानसभा के 153 मतदान केंद्रों पर 74 हजार 237 मतदाता हैं तथा 16 हजार 22 नोटिस जारी किए जाएंगे। टिहरी विधानसभा के 156 मतदान केंद्रों पर 66 हजार 877 मतदाता हैं और 19 हजार 256 नोटिस जारी किए जाने हैं। धनोल्टी विधानसभा के 191 मतदान केंद्रों पर 82 हजार 797 मतदाता हैं जहां 21 हजार 240 नोटिस जारी किए जाएंगे। जनपद स्तर पर कुल 1 लाख 17 हजार 501 नोटिस जारी किए जाने प्रस्तावित हैं। समीक्षा के दौरान नोटिस वितरण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा जारी सभी नोटिसों का बीएलओ के माध्यम से शीघ्र तामील कराया जाए तथा बीएलओ ऐप पर उनकी प्रविष्टि समय से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाताओं को सुनवाई की निर्धारित तिथि से पहले नोटिस उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो नोटिस तामील करते समय ही आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर लिए जाएं जिससे सुनवाई प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हो सके। प्रत्येक मतदान स्थल पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई आयोजित करने तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का प्रतिदिन निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा लापरवाही या उदासीनता बरते जाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए।

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