प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 9 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई और समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जनसुनवाई के दौरान राजस्व भूमि विवाद विद्युत अतिक्रमण जलभराव पेयजल राशन कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में औरंगाबाद आन्नेकी क्षेत्र के ग्रामीणों ने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज औरंगाबाद आन्नेकी के खेल मैदान पर हो रहे अतिक्रमण का मामला उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि खसरा संख्या 1614 स्थित खेल मैदान पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने मैदान की पैमाइश कराकर उसे जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। ग्राम बुधवा शहीद तहसील भगवानपुर निवासी साधुराम चौहान ने तीन माह से सामाजिक पेंशन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराते हुए शीघ्र पेंशन दिलाने की मांग की। वहीं नज़बून पत्नी हबीब ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से विरासत दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रही हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विरासत दर्ज कराने की मांग की। चांद कॉलोनी मक्खनपुर भगवानपुर निवासी नजराना पत्नी सैफ ने विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। ग्राम पंचायत मजीहिदपुर सतीवाला के किसान हरेन्द्र सिंह ने क्षेत्र में अवैध खनन होने से किसानों की चकरोड क्षतिग्रस्त होने की शिकायत करते हुए अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्राम खाला टीरा औरंगाबाद निवासी पूनम तथा पिंकी देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक समस्या को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के 15 अगस्त तक निस्तारण के निर्देश बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का हर हाल में 15 अगस्त तक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एल-1 स्तर पर 348 तथा एल-2 स्तर पर 110 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर संपर्क कर उनकी समस्याओं की जानकारी लें और समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा में पाया कि कई विभागों में 36 दिनों से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी (प्रशासनिक) जितेंद्र कुमार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के. सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट जिला स्तरीय अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 9 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई और समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जनसुनवाई के दौरान राजस्व भूमि विवाद विद्युत अतिक्रमण जलभराव पेयजल राशन कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में औरंगाबाद आन्नेकी क्षेत्र के ग्रामीणों ने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज औरंगाबाद आन्नेकी के खेल मैदान पर हो रहे अतिक्रमण का मामला उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि खसरा संख्या 1614 स्थित खेल मैदान पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने मैदान की पैमाइश कराकर उसे जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। ग्राम बुधवा शहीद तहसील भगवानपुर निवासी साधुराम चौहान ने तीन माह से सामाजिक पेंशन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराते हुए शीघ्र पेंशन दिलाने की मांग की। वहीं नज़बून पत्नी हबीब ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से विरासत दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रही हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विरासत दर्ज कराने की मांग की। चांद कॉलोनी मक्खनपुर भगवानपुर निवासी नजराना पत्नी सैफ ने विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। ग्राम पंचायत मजीहिदपुर सतीवाला के किसान हरेन्द्र सिंह ने क्षेत्र में अवैध खनन होने से किसानों की चकरोड क्षतिग्रस्त होने की शिकायत करते हुए अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्राम खाला टीरा औरंगाबाद निवासी पूनम तथा पिंकी देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक समस्या को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के 15 अगस्त तक निस्तारण के निर्देश बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का हर हाल में 15 अगस्त तक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एल-1 स्तर पर 348 तथा एल-2 स्तर पर 110 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर संपर्क कर उनकी समस्याओं की जानकारी लें और समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा में पाया कि कई विभागों में 36 दिनों से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी (प्रशासनिक) जितेंद्र कुमार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.के. सिंह परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट जिला स्तरीय अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी उपस्थित रहे।