प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर.राजेश कुमार की अध्यक्षता में कर्णप्रयाग एवं सिमली पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के वित्तीय तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए। इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में आवास विभाग के सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर जिलाधिकारी एवं सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी बैठक से जुड़े।इस दौरान परियोजनाओं के उद्देश्य स्थल चयन यातायात सर्वेक्षण पार्किंग क्षमता निर्माण लागत डिजाइन और तकनीकी मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पार्किंग परियोजनाएं भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बैठक में बताया गया कि कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के पूरा होने पर यहां 22 चारपहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। पार्किंग के प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल का भी निर्माण किया जाएगा जिससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व सृजन भी होगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। विशेषकर चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। नई पार्किंग सुविधा बनने से बाजार क्षेत्र में यातायात अधिक व्यवस्थित होगा तथा यात्रियों को सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में सिमली पार्किंग परियोजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये है तथा इसमें 30 चारपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन है जहां से चारधाम यात्रा मार्ग श्री नंदा देवी राजजात यात्रा तथा गैरसैंण की ओर जाने वाला मार्ग जुड़ता है। यात्रा सीजन और विशेष अवसरों पर यहां भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पार्किंग सुविधा विकसित होने के बाद सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग में कमी आएगी और यातायात अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। सचिव आवास डॉ.आर.राजेश कुमार ने परियोजनाओं के वित्तीय एवं तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक सुझाव देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि ये पार्किंग परियोजनाएं राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन यात्री सुविधाओं और शहरी आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। बैठक के दौरान सचिव आवास डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक एवं टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं बल्कि बेहतर यातायात प्रबंधन यात्रियों की सुविधा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं से जुड़ी वित्तीय तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा गुणवत्ता के साथ शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Spread the love
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर.राजेश कुमार की अध्यक्षता में कर्णप्रयाग एवं सिमली पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के वित्तीय तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए। इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में आवास विभाग के सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर जिलाधिकारी एवं सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी बैठक से जुड़े।इस दौरान परियोजनाओं के उद्देश्य स्थल चयन यातायात सर्वेक्षण पार्किंग क्षमता निर्माण लागत डिजाइन और तकनीकी मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पार्किंग परियोजनाएं भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बैठक में बताया गया कि कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना के पूरा होने पर यहां 22 चारपहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। पार्किंग के प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल का भी निर्माण किया जाएगा जिससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व सृजन भी होगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। विशेषकर चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। नई पार्किंग सुविधा बनने से बाजार क्षेत्र में यातायात अधिक व्यवस्थित होगा तथा यात्रियों को सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में सिमली पार्किंग परियोजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये है तथा इसमें 30 चारपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन है जहां से चारधाम यात्रा मार्ग श्री नंदा देवी राजजात यात्रा तथा गैरसैंण की ओर जाने वाला मार्ग जुड़ता है। यात्रा सीजन और विशेष अवसरों पर यहां भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पार्किंग सुविधा विकसित होने के बाद सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग में कमी आएगी और यातायात अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। सचिव आवास डॉ.आर.राजेश कुमार ने परियोजनाओं के वित्तीय एवं तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक सुझाव देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि ये पार्किंग परियोजनाएं राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन यात्री सुविधाओं और शहरी आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। बैठक के दौरान सचिव आवास डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक एवं टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं बल्कि बेहतर यातायात प्रबंधन यात्रियों की सुविधा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं से जुड़ी वित्तीय तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा गुणवत्ता के साथ शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।