प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनपद मुख्यालय स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ सभी विकासखंडों के अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों तथा व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि वर्षाकाल में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग आवश्यक संसाधनों मशीनरी और कार्मिकों के साथ पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी घटना की सूचना बिना विलंब जिला प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों तथा केदारनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की नियमित जानकारी लोगों एवं यात्रियों तक पहुंचाई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोकने अथवा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं भी भूस्खलन मलबा आने या अन्य कारणों से सड़क अवरुद्ध होती है तो संबंधित विभाग तत्काल मशीनरी और कार्मिकों को मौके पर भेजकर युद्धस्तर पर मार्ग बहाली का कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि सड़कों को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए ताकि स्थानीय लोगों यात्रियों और केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करे तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे जिससे जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट समाज कल्याण अधिकारी टी.आर.मलेठा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनपद मुख्यालय स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ सभी विकासखंडों के अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों तथा व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि वर्षाकाल में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग आवश्यक संसाधनों मशीनरी और कार्मिकों के साथ पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी घटना की सूचना बिना विलंब जिला प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों तथा केदारनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की नियमित जानकारी लोगों एवं यात्रियों तक पहुंचाई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोकने अथवा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं भी भूस्खलन मलबा आने या अन्य कारणों से सड़क अवरुद्ध होती है तो संबंधित विभाग तत्काल मशीनरी और कार्मिकों को मौके पर भेजकर युद्धस्तर पर मार्ग बहाली का कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि सड़कों को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए ताकि स्थानीय लोगों यात्रियों और केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करे तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे जिससे जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट समाज कल्याण अधिकारी टी.आर.मलेठा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।