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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारूल गोयल ने संस्थागत प्रसव को लेकर मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों तथा संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को संभावित प्रसव की नजदीकी तिथि वाली गर्भवतियों एवं हाई रिस्क गर्भवतियों की सूची हर समय अपने पास उपलब्ध रखने और उनकी सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। जनपद में लगातार हो रही बारिश के कारण संस्थागत प्रसव में संभावित बाधाओं को देखते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला की संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि अगस्त एवं सितंबर माह में जनपद की 538 गर्भवती महिलाओं का प्रसव होना है। इन सभी की पहचान कर सूची तैयार कर ली गई है। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रत्येक गर्भवती की संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित कराने तथा उच्च जोखिम श्रेणी की गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एएनएम आशा फेसिलिटेटर एवं आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र की संभावित प्रसव तिथि वाली तथा हाई रिस्क श्रेणी की गर्भवतियों की सूची हर समय अपने पास रखें और उनसे लगातार संपर्क बनाए रखते हुए नियमित निगरानी करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रसव पीड़ा शुरू होने से पहले गर्भवती महिलाओं को निकटवर्ती प्रसव केंद्र तक पहुंचाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एक सप्ताह पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में स्थापित प्रसव पूर्व प्रतीक्षालय ‘प्रत्याशा’ में भर्ती कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रसव पूर्व प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं के ठहरने और भोजन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से इस सुविधा के बारे में अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में प्रसव पूर्व पंजीकरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रसव के बाद मां एवं नवजात शिशु की स्वास्थ्य देखभाल के लिए निर्धारित गृह भ्रमण समय पर करने तथा यदि मां या नवजात में किसी प्रकार के खतरे के लक्षण दिखाई दें तो उनका तत्काल रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सीमा टेकचंदानी जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु नौडियाल जिला डेटा प्रबंधक अशोक नौटियाल जिला समन्वयक आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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