प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत बाल विकास परियोजना थलीसैंण में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान के महत्व के साथ ही स्वयं के स्वास्थ्य पोषण तथा शिशुओं की उचित देखभाल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास के लिए स्तनपान अत्यंत महत्वपूर्ण है। माताओं को शिशु के जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत करने नियमित रूप से स्तनपान कराने तथा बच्चे की उम्र के अनुसार उसकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही माताओं को अपने खान-पान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि मां का स्वास्थ्य सीधे तौर पर शिशु के स्वास्थ्य और उसके समुचित विकास से जुड़ा होता है। इसलिए गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद तक संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहने पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इस अवसर पर माताओं से आह्वान किया गया कि वे स्तनपान तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सही और वैज्ञानिक जानकारी अपने परिवार तथा आसपास की अन्य महिलाओं तक भी पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक माताएं और नवजात शिशु इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
