प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिला सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जनपद के तीनों विकासखंडों के राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों द्वारा किए गए संघर्ष और त्याग तथा उनके योगदान को नमन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए। उन्होंने आंदोलन के दौरान सामने आई चुनौतियों और संघर्षों के साथ ही जनभागीदारी से जुड़े अनुभवों को साझा किया। आंदोलनकारियों ने बताया कि पृथक राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलन में समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई थी। महिलाओं और युवाओं के साथ कर्मचारियों तथा छात्रों एवं आम नागरिकों ने एकजुट होकर राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी। उनके संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप उत्तराखंड राज्य निर्माण का सपना साकार हो सका। इस अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण लंबे संघर्ष और त्याग तथा अटूट संकल्प का परिणाम है। राज्य आंदोलनकारियों का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों द्वारा किए गए संघर्ष को हमेशा याद रखना चाहिए और उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है बल्कि यह राज्य निर्माण के उद्देश्यों और उपलब्धियों के साथ भविष्य की संभावनाओं पर चिंतन करने का भी अवसर है। राज्य आंदोलनकारियों के अनुभव और संस्मरण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी मानवेंद्र सिंह बर्त्वाल और मोहन चंद्र बर्त्वाल सहित रमेश सेमवाल तथा कमल सिंह और मदन कोटवाल एवं वीरेंद्र सिंह असवाल तथा लक्ष्मी प्रसाद और राजेंद्र सिंह तथा सुंदर लाल तिवारी एवं राम भरोसे मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत और अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा तथा जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर और जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा एवं अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण निगम मीनल गुलाटी तथा अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
