प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान सामग्री की चोरी के बहुचर्चित मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीसरे आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 8 जुलाई 2026 को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली श्री बद्रीनाथ में थाली भेंट गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक महादेव प्रसाद उनियाल कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि इससे पहले एसआईटी मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल और पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। जांच के दौरान 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया गया जिसमें एक व्यक्ति थाली भेंट गणना कक्ष में बार-बार दान सामग्री निकालकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। पूछताछ में उसकी पहचान मनोज कुमार पुत्र स्वरूप चंद निवासी वार्ड नंबर-3 नूरपुर जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई। वह जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड की लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था। परियोजना के अधिकारियों के अतिथियों और रिश्तेदारों को वीआईपी दर्शन कराने के लिए उसे समय-समय पर श्री बद्रीनाथ मंदिर भेजा जाता था। सीसीटीवी फुटेज में चोरी की पुष्टि होने के बाद मुकदमे में संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गईं। पुलिस ने 7 अगस्त को मनोज कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया। सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसने अपने लामबगड़ स्थित कमरे में छिपाकर रखी थी जबकि कुछ सामान यात्रियों को बेच दिया था। बिक्री से मिले पैसों में से कुछ उसके कमरे में रखे थे और शेष राशि उसने परियोजना के अतिथियों के सत्कार में खर्च कर दी। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन से चोरी किए गए सामान की तस्वीरें भी बरामद हुईं। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चोरी के बाद सामान को अपने कमरे में बेडशीट पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था और बाद में उन्हें मोबाइल से डिलीट कर देता था। आरोपी की निशानदेही पर उसके लामबगड़ स्थित आवास से दो सफेद धातु की बिछिया चार कर्णफूल एक पीली धातु की नोज रिंग सात धातु के सिक्के दो धातु के टुकड़े एक धातु की प्रतिमा दो छोटे कंगन एक छोटा धातु का सिक्का एक हाथ का ब्रेसलेट मोर पंख एवं लाल नग युक्त धातु का छोटा दंड चोरी की सामग्री बेचकर अर्जित 6 हजार रुपये नकद तथा वह बेडशीट बरामद की गई जिस पर चोरी का सामान रखकर उसकी तस्वीरें ली जाती थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच अभी भी जारी है। पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक महादेव प्रसाद उनियाल उप निरीक्षक प्रकाश बिष्ट हेड कांस्टेबल चंदन सिंह नगरकोठी (एसआईटी) कांस्टेबल आशुतोष तिवारी (एसआईटी) शीशपाल रावत कांस्टेबल राजेंद्र सिंह रावत (एसआईटी) कांस्टेबल गौरव रावत कांस्टेबल आदर्श रमोला एवं कांस्टेबल चालक कैलाश डिमरी।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान सामग्री की चोरी के बहुचर्चित मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीसरे आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 8 जुलाई 2026 को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली श्री बद्रीनाथ में थाली भेंट गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक महादेव प्रसाद उनियाल कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि इससे पहले एसआईटी मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल और पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। जांच के दौरान 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया गया जिसमें एक व्यक्ति थाली भेंट गणना कक्ष में बार-बार दान सामग्री निकालकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। पूछताछ में उसकी पहचान मनोज कुमार पुत्र स्वरूप चंद निवासी वार्ड नंबर-3 नूरपुर जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई। वह जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड की लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था। परियोजना के अधिकारियों के अतिथियों और रिश्तेदारों को वीआईपी दर्शन कराने के लिए उसे समय-समय पर श्री बद्रीनाथ मंदिर भेजा जाता था। सीसीटीवी फुटेज में चोरी की पुष्टि होने के बाद मुकदमे में संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गईं। पुलिस ने 7 अगस्त को मनोज कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया। सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसने अपने लामबगड़ स्थित कमरे में छिपाकर रखी थी जबकि कुछ सामान यात्रियों को बेच दिया था। बिक्री से मिले पैसों में से कुछ उसके कमरे में रखे थे और शेष राशि उसने परियोजना के अतिथियों के सत्कार में खर्च कर दी। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन से चोरी किए गए सामान की तस्वीरें भी बरामद हुईं। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चोरी के बाद सामान को अपने कमरे में बेडशीट पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था और बाद में उन्हें मोबाइल से डिलीट कर देता था। आरोपी की निशानदेही पर उसके लामबगड़ स्थित आवास से दो सफेद धातु की बिछिया चार कर्णफूल एक पीली धातु की नोज रिंग सात धातु के सिक्के दो धातु के टुकड़े एक धातु की प्रतिमा दो छोटे कंगन एक छोटा धातु का सिक्का एक हाथ का ब्रेसलेट मोर पंख एवं लाल नग युक्त धातु का छोटा दंड चोरी की सामग्री बेचकर अर्जित 6 हजार रुपये नकद तथा वह बेडशीट बरामद की गई जिस पर चोरी का सामान रखकर उसकी तस्वीरें ली जाती थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच अभी भी जारी है। पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक महादेव प्रसाद उनियाल उप निरीक्षक प्रकाश बिष्ट हेड कांस्टेबल चंदन सिंह नगरकोठी (एसआईटी) कांस्टेबल आशुतोष तिवारी (एसआईटी) शीशपाल रावत कांस्टेबल राजेंद्र सिंह रावत (एसआईटी) कांस्टेबल गौरव रावत कांस्टेबल आदर्श रमोला एवं कांस्टेबल चालक कैलाश डिमरी।