प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की सराफा धर्मशाला में कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा धेनु मानस गौ टीका का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ कलश यात्रा में प्रतिभाग किया। कलश यात्रा शारदा घाट से शुरू होकर श्रीनगर बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए सराफा धर्मशाला पहुंची जहां इसका विधिवत समापन हुआ। इसके बाद कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के व्यास पीठ पर गौ गंगा एवं कृपा के काक्षी पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के जीवन में प्रकाश आना असंभव है। गुरु के पास जाते समय व्यक्ति को अहंकार से दूर रहना चाहिए और यह भाव रखना चाहिए कि मैं कुछ नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए गुरु की शरण और उनके बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है। कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन में रुद्रप्रयाग से सच्चिदानंद नौटियाल काली प्रसाद सेमवाल अतुल भंडारी परमानंद मिस्त्री कलम सिंह विक्रम सिंह प्रकाश चंद मैठाणी सुरेश गैरोला एवं राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर संस्कृत स्कूल एवं जयदयाल स्कूल के बच्चों ने भी प्रतिभाग किया। आचार्य इंद्रमणि नौटियाल आचार्य कुशलानंद कंसवाल महावीर खंडूरी राजेंद्र भट्ट मनीष भट्ट अमित खंडूरी प्रचारक कमल किशोर भट्ट गोपाल रतूड़ी अमन रतूड़ी सहित अन्य श्रद्धालु एवं आयोजन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों गुरु की महत्ता तथा सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की सराफा धर्मशाला में कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा धेनु मानस गौ टीका का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ कलश यात्रा में प्रतिभाग किया। कलश यात्रा शारदा घाट से शुरू होकर श्रीनगर बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए सराफा धर्मशाला पहुंची जहां इसका विधिवत समापन हुआ। इसके बाद कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के व्यास पीठ पर गौ गंगा एवं कृपा के काक्षी पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के जीवन में प्रकाश आना असंभव है। गुरु के पास जाते समय व्यक्ति को अहंकार से दूर रहना चाहिए और यह भाव रखना चाहिए कि मैं कुछ नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए गुरु की शरण और उनके बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है। कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन में रुद्रप्रयाग से सच्चिदानंद नौटियाल काली प्रसाद सेमवाल अतुल भंडारी परमानंद मिस्त्री कलम सिंह विक्रम सिंह प्रकाश चंद मैठाणी सुरेश गैरोला एवं राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर संस्कृत स्कूल एवं जयदयाल स्कूल के बच्चों ने भी प्रतिभाग किया। आचार्य इंद्रमणि नौटियाल आचार्य कुशलानंद कंसवाल महावीर खंडूरी राजेंद्र भट्ट मनीष भट्ट अमित खंडूरी प्रचारक कमल किशोर भट्ट गोपाल रतूड़ी अमन रतूड़ी सहित अन्य श्रद्धालु एवं आयोजन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों गुरु की महत्ता तथा सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया।