प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। व्यावसायिक संपत्तियों के नए स्वकर निर्धारण को लेकर व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों के बीच नगर निगम श्रीनगर ने राहतभरा कदम उठाया है। महापौर आरती भंडारी ने व्यापारी हितों को देखते हुए दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस अवधि में व्यापारियों की स्वकर से जुड़ी भ्रांतियों प्रारूप भरने में आ रही दिक्कतों तथा नए और पुराने कर की दरों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में व्यापार सभा श्रीनगर के प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वकर निर्धारण की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने स्वकर का प्रारूप भरने में आ रही परेशानियों सहित विभिन्न समस्याओं को महापौर के समक्ष रखा। महापौर ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कर अनुभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें बल्कि आवश्यकता पड़ने पर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में जाकर स्वकर निर्धारण का प्रारूप भरने में उनकी सहायता करें। उन्होंने स्वकर को न्यूनतम दरों पर रखने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि व्यापारी समाज की रीढ़ हैं। वे अपनी मेहनत जोखिम और दूरदर्शिता के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करते हैं। नगर निगम का उद्देश्य व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ डालना नहीं बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सभी नगर निगमों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में व्यावसायिक स्वकर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीनगर नगर निगम ने बोर्ड में प्रदेश में सबसे कम स्वकर दर पारित की है। इसके बावजूद व्यापारियों को जहां भी समस्या या भ्रांति है उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। महापौर आरती भंडारी ने स्पष्ट किया कि दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक रहेगी। इस अवधि में निगम का कर अनुभाग व्यापारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि स्वकर के प्रारूप को भरने नए एवं पुराने कर की दरों को समझने अथवा निर्धारण को लेकर किसी भी व्यापारी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। महापौर ने कहा कि वह श्रीनगर के व्यापारियों के हितों के साथ खड़ी हैं। जब तक व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक नए स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम की कोशिश है कि श्रीनगर के व्यापारियों पर देहरादून हरिद्वार और रुड़की जैसे बड़े शहरों की तरह कर का बोझ न पड़े। महापौर आरती भंडारी ने यह भी कहा कि व्यापारियों की समस्याओं और स्वकर से जुड़े विषयों को लेकर वह शहरी विकास विभाग एवं उत्तराखंड सरकार के स्तर पर भी वार्ता करेंगी ताकि श्रीनगर के व्यापारियों को अधिक से अधिक राहत दिलाई जा सके।
1300 प्रारूप वितरित व्यापारियों की मदद के लिए मैदान में उतरेगा निगम
बैठक में निगम के कर अनुभाग के अधिकारियों ने स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया के संबंध में व्यापारियों को जानकारी दी। कर निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में अभी तक लगभग 1300 नए स्वकर के प्रारूप वितरित किए जा चुके हैं। व्यापारियों को प्रारूप भरने में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए निगम का कर अनुभाग अब आवश्यकतानुसार व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर सहायता करेगा। बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा व्यापार सभा श्रीनगर के महासचिव छवि अग्रवाल कोषाध्यक्ष पंकज नेगी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अप्पल रतूड़ी केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधि बृजेश भट्ट निगम पार्षद देवेंद्र मणि मिश्रा प्रवेश चमोली शुभम प्रभाकर कर अनुभाग के कर अधीक्षक अजहर अली कर अधीक्षक सुशील कुमार कुरील कर निरीक्षक नवीन कुमार व्यापार सभा के प्रतिनिधिमंडल से जुड़े व्यापारी तथा नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। महापौर के इस निर्णय से व्यापारियों को तत्काल राहत मिलने के साथ ही निगम और व्यापारी वर्ग के बीच संवाद के जरिए स्वकर निर्धारण की समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। व्यावसायिक संपत्तियों के नए स्वकर निर्धारण को लेकर व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों के बीच नगर निगम श्रीनगर ने राहतभरा कदम उठाया है। महापौर आरती भंडारी ने व्यापारी हितों को देखते हुए दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस अवधि में व्यापारियों की स्वकर से जुड़ी भ्रांतियों प्रारूप भरने में आ रही दिक्कतों तथा नए और पुराने कर की दरों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में व्यापार सभा श्रीनगर के प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वकर निर्धारण की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने स्वकर का प्रारूप भरने में आ रही परेशानियों सहित विभिन्न समस्याओं को महापौर के समक्ष रखा। महापौर ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कर अनुभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें बल्कि आवश्यकता पड़ने पर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में जाकर स्वकर निर्धारण का प्रारूप भरने में उनकी सहायता करें। उन्होंने स्वकर को न्यूनतम दरों पर रखने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि व्यापारी समाज की रीढ़ हैं। वे अपनी मेहनत जोखिम और दूरदर्शिता के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करते हैं। नगर निगम का उद्देश्य व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ डालना नहीं बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सभी नगर निगमों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में व्यावसायिक स्वकर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीनगर नगर निगम ने बोर्ड में प्रदेश में सबसे कम स्वकर दर पारित की है। इसके बावजूद व्यापारियों को जहां भी समस्या या भ्रांति है उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। महापौर आरती भंडारी ने स्पष्ट किया कि दिसंबर तक नए स्वकर की वसूली पर रोक रहेगी। इस अवधि में निगम का कर अनुभाग व्यापारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि स्वकर के प्रारूप को भरने नए एवं पुराने कर की दरों को समझने अथवा निर्धारण को लेकर किसी भी व्यापारी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। महापौर ने कहा कि वह श्रीनगर के व्यापारियों के हितों के साथ खड़ी हैं। जब तक व्यापारियों की समस्याओं और भ्रांतियों का समाधान नहीं हो जाता तब तक नए स्वकर की वसूली नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम की कोशिश है कि श्रीनगर के व्यापारियों पर देहरादून हरिद्वार और रुड़की जैसे बड़े शहरों की तरह कर का बोझ न पड़े। महापौर आरती भंडारी ने यह भी कहा कि व्यापारियों की समस्याओं और स्वकर से जुड़े विषयों को लेकर वह शहरी विकास विभाग एवं उत्तराखंड सरकार के स्तर पर भी वार्ता करेंगी ताकि श्रीनगर के व्यापारियों को अधिक से अधिक राहत दिलाई जा सके। 1300 प्रारूप वितरित व्यापारियों की मदद के लिए मैदान में उतरेगा निगम
बैठक में निगम के कर अनुभाग के अधिकारियों ने स्वकर निर्धारण की प्रक्रिया के संबंध में व्यापारियों को जानकारी दी। कर निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में अभी तक लगभग 1300 नए स्वकर के प्रारूप वितरित किए जा चुके हैं। व्यापारियों को प्रारूप भरने में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए निगम का कर अनुभाग अब आवश्यकतानुसार व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर सहायता करेगा। बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा व्यापार सभा श्रीनगर के महासचिव छवि अग्रवाल कोषाध्यक्ष पंकज नेगी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अप्पल रतूड़ी केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधि बृजेश भट्ट निगम पार्षद देवेंद्र मणि मिश्रा प्रवेश चमोली शुभम प्रभाकर कर अनुभाग के कर अधीक्षक अजहर अली कर अधीक्षक सुशील कुमार कुरील कर निरीक्षक नवीन कुमार व्यापार सभा के प्रतिनिधिमंडल से जुड़े व्यापारी तथा नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। महापौर के इस निर्णय से व्यापारियों को तत्काल राहत मिलने के साथ ही निगम और व्यापारी वर्ग के बीच संवाद के जरिए स्वकर निर्धारण की समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।