प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से योजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का धरातल पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सी एवं डी श्रेणी में चल रहे विभागों की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करते हुए विभागों को ए श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं विलंब नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी ने जनपद को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नगर क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग करने सार्वजनिक स्थानों बाजारों मार्गों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्वच्छता अभियान में स्थानीय निकायों ग्राम पंचायतों एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद में डेंगू की रोकथाम को लेकर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर अनावश्यक रूप से पानी एकत्रित न होने दिया जाए। जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग एंटी लार्वा का छिड़काव एवं साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही घरों कार्यालयों विद्यालयों निर्माणाधीन भवनों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास पानी जमा न हो इसके लिए लगातार निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को गति दें। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए ताकि शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरके सिंह परियोजना निदेशक नलिनीति घिल्डियाल जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत डीपीआरओ मुस्तफा खां अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
