प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सड़क सुरक्षा व्यवस्था सड़कों की स्थिति तथा यातायात नियमों के पालन को लेकर संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं ऐसे दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित कर उनका थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऑडिट के माध्यम से दुर्घटनाओं के कारणों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि उनके अधीन आने वाली जनपद की सभी सड़कों को 15 अक्टूबर तक हर हाल में गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति भी दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन सकती है इसलिए सड़क मरम्मत और गड्ढों के निस्तारण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा। सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने ओवरस्पीडिंग नशे में वाहन संचालन और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ-साथ आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जाए। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से जुलाई 2026 तक सड़क सुरक्षा और मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस ओवरलोडिंग सहित कुल 1289 चालान किए गए। ओवरस्पीडिंग के 8175 चालान माल वाहनों में यात्री वहन करने पर 362 चालान वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर 371 चालान नशे में वाहन चलाने पर 05 चालान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 19429 चालान तथा सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 1224 वाहन चालकों के चालान किए गए। पुलिस विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में बताया गया कि रेड लाइट जंप के 329 चालान किए गए। ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए 53 प्रकरण आरटीओ को प्रेषित किए गए। इसके अलावा ओवरस्पीड के 8465 मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के 475 मालवाहक वाहनों में यात्री वहन करने पर 399 वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर 1026 नशे में वाहन चलाने पर 652 बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 15846 तथा सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 469 वाहन चालकों के चालान किए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों और प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए ताकि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने विभागवार विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा आरटीओ प्रवर्तन कृष्ण चंद्र पलारिया सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरिद्वार योगेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
