प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखण्ड जखोली मुख्यालय पर स्थित बहुद्देशीय साधन सहकारी समिति को अन्यत्र विलय किये जाने पर क्षेत्रीय लोगों ने पुरजोर विरोध कर शीघ्र में ही वापस शिफ्ट करने की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जखोली में स्थित साधन सहकारी समिति के अन्तर्गत 25 राजस्व ग्राम एवं 16 ग्राम सभा आते थे जिसमें वृद्धा विधवाओं विकलांगो एवं सीमान्त कृषकों की आशायें जुड़ी की हुई थी। ज्ञापन में कहा गया कि यह समिति लगभग 1950-70 के दशक में स्थापित हुई थी लेकिन बाद में 6 अप्रैल 1977 को लामर पालाकुराली (जखोली) के नाम पर उक्त साधन सहकारी समिति (लि.) को प्रथम बार वरीयता के आधार पर जखोली साधन सहकारी समिति (लि.) का शिलान्यास किया गया था जो कि अब 16 ग्राम पंचायतों से छिनकर अन्यत्र विलय कर दिया गया है। पूर्व प्रधान विजेंद्र सिंह मेवाड़ अनिल भट्ट आदि ने कहा कि जखोली साधन सहकारी समिति (लि.) का अपना स्वयं का कार्यालय एवं नया भवन विकासखण्ड मुख्यालय जखोली के समीप स्थित है,जिसमें दो बचत बैंक/ मिनी बैंक सुचारू रूप से संचालित हो रहे थे और सम्पूर्ण जनता की आशा पर बखूबी रूप से सम्पादन कर रहे थे। पूर्व प्रधान विजेंद्र सिंह मेवाड़ ने कहा कि विभागीय अधिकारियों ने जनता को विश्वास में लिये बिना ही साधन सहकारी समिति (लि.) जखोली को अन्यत्र विलय किया गया जिससे दूर दराज के लोगों को समिति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उपरोक्त समिति को यथावत पुर्नस्थापित नहीं किया गया तो जनता को मजबूरन विशाल जनान्दोलन एवं न्यायालय की शरण में जाने के लिये बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बधित विभाग की होगी।
