प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कोटद्वार निवासी एक महिला ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर अपने पति पर अपनी नाबालिग पुत्रियों के साथ पिछले काफी समय से दुष्कर्म एवं यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। महिला ने बताया था कि इस संबंध में किसी को जानकारी देने अथवा पुलिस में शिकायत करने पर उसे जान से मारने तथा घर से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। प्रकरण की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस के संज्ञान में आया कि पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और सत्यता की निष्पक्ष जांच करना आवश्यक था ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोप पारिवारिक विवाद के चलते लगाए गए हैं या उनमें तथ्यात्मक आधार है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मामले की गहनता से जांच करते हुए त्वरित निष्पक्ष एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्देशों के क्रम में पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। पुलिस टीम ने आरोपी से भी पूछताछ की और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार प्रारंभ में आरोपी ने विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया। हालांकि आवश्यक साक्ष्य संकलन पीड़िता के बयानों एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी अनुप चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी अनुप चंद्र निवासी कोटद्वार पुलिस कार्रवाई मामले में भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
