प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में बुधवार को अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को संविधान कानून उनके मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में विधिक चेतना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक नागरिक के लिए कानून की मूलभूत जानकारी अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने बाल अधिकार महिला सुरक्षा साइबर अपराध नशे के दुष्प्रभाव घरेलू हिंसा बाल विवाह निषेध दहेज प्रतिषेध तथा विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। पायल सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण NALSA एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण SLSA के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है या उसे कानूनी सहायता की आवश्यकता पड़ती है तो वह टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग ऑनलाइन ठगी से बचाव व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के उपाय बताए गए। साथ ही विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विधिक जानकारी प्राप्त कर छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक भी बन सकते हैं। शिविर के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने दहेज प्रथा बाल विवाह घरेलू हिंसा महिला अधिकार साइबर ठगी तथा निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं विस्तृत उत्तर दिया जिससे उनमें विषय के प्रति विशेष रुचि देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को विधिक अधिकारों एवं विभिन्न कानूनों से संबंधित जानकारी वाले पैंफलेट वितरित किए गए। शिविर में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर्स पीएलवी ने सहभागिता की। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने तथा कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में एडवोकेट देवेंद्र बिष्ट रिटेनर लॉयर यशोदा खत्री शिक्षक एवं स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
