प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। द्वारीखाल विकासखंड के आपदा प्रभावित महरगांव में जिला प्रशासन की ओर से राहत और बुनियादी सुविधाओं की बहाली का अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के त्वरित निर्देशन और मौके पर रहकर की गई निगरानी के चलते प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं को तेजी से बहाल किया जा रहा है। गांव में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। आपदा की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वयं दुर्गम मार्ग से पैदल महरगांव पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। अंतिम शव बरामद होने तक वह ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत आपदा में क्षतिग्रस्त हुई जल जीवन मिशन की मुख्य पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी कर ली गई है। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो गई है। वहीं प्रभावित क्षेत्र में आवागमन और राहत सामग्री की आवाजाही बनाए रखने के लिए जेसीबी मशीनें लगातार तैनात हैं। संपर्क मार्ग से मलबा हटाने और आवश्यकतानुसार मार्ग को सुचारु करने का कार्य भी लगातार किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल पशुओं का उपचार किया। पशुपालकों को राहत देने के लिए 10 बैग चारा भेली उपलब्ध कराई गई है। दुर्गम क्षेत्र तक चारा पहुंचाने के लिए जेसीबी मशीन और ग्रामीणों का भी सहयोग लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सूखा राशन किट दैनिक उपयोग के बर्तन और मौसम को देखते हुए कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार गांव में मौजूद रहकर प्रभावित परिवारों की जरूरतों की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। ग्राम प्रधान अमित सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन ने संकट की घड़ी में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ प्रभावित परिवारों का साथ दिया। राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही क्षतिग्रस्त मार्ग और पेयजल आपूर्ति को भी तत्काल सुचारु कराया गया। जिलाधिकारी ने सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महरगांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत और पुनरुद्धार कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने आवश्यक सेवाओं पेयजल विद्युत मार्ग पशुधन राहत सामग्री सहित अन्य व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं पुनरुद्धार अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।
