प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में कुछ गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज से मिलते-जुलते लक्षण पाए जाने की सूचना के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और रोग के संभावित प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। रोग की पुष्टि के लिए संदिग्ध पशुओं से कुल 21 रक्त नमूने एकत्र कर जांच के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजे गए हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जनपद में पशुओं के टीकाकरण का अभियान भी लगातार जारी है। अब तक 69,916 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा निदेशालय के केंद्रीय स्टोर से 26 हजार वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं जिन्हें जनपद के संबंधित पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों में वितरित किया जा रहा है। पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों में पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर पशुपालकों को समय पर उपचार की सुविधा मिल सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज होने पर सामान्यतः पशुओं में तेज बुखार सुस्ती त्वचा पर गांठें अथवा चकत्ते भूख कम लगना लंगड़ापन लसीका ग्रंथियों में सूजन तथा गले के आसपास सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने पशुपालकों से ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सालय अथवा पशुपालन विभाग को सूचना देने की अपील की है। रोग के संभावित प्रसार को रोकने के लिए अन्य जिलों एवं राज्यों से जनपद में आने वाले गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं के आवागमन पर एहतियातन प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालकों से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कुछ समय तक नए पशु खरीदने से बचने तथा संदिग्ध या बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की गई है। साथ ही पशुओं को बाहरी पशुओं के संपर्क में आने से बचाने को कहा गया है। विभाग ने ऐसे गोवंशीय पशुओं जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है का टीकाकरण कराने के लिए निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु सेवा केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। विभाग की ओर से आवश्यक वैक्सीन और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पशुओं में बीमारी के कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पशु चिकित्सालय अथवा पशुपालन विभाग को सूचना देने को कहा गया है ताकि समय पर आवश्यक जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
