प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर स्थित संस्कृत विभाग द्वारा ‘संस्कृत सप्ताह महोत्सव’ का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वैदिक तथा लौकिक मंगलाचरण के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति के संवर्धन में संस्कृत भाषा की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भाषा हमारे प्राचीन ज्ञान और आधुनिक जीवन के बीच एक मजबूत सेतु है। मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विद्वान प्रो.गिरीशनाथ झा ने संस्कृत की वैज्ञानिकता कंप्यूटर विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक में इसके अनुप्रयोग पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसे श्रोताओं ने बेहद सराहा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ.विश्वेश वाग्मी ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों का स्वागत करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृत के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। उद्घाटन सत्र का कुशल एवं सुचारू संचालन डॉ.प्रीति वाग्मी द्वारा किया गया जबकि कार्यक्रम के अंत में डॉ.बालकृष्ण बधानी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ आचार्य तथा देश के विभिन्न स्थानों से पधारे अनेक विद्वान उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कुलपति ने संस्कृत विभाग के इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से देश और समाज में संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया।
