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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के गैड बस्टी निवासी विजय सिंह राणा आज जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। उन्होंने गांव में चार तालाबों के माध्यम से ट्राउट मत्स्य पालन को स्वरोजगार का साधन बनाया है। इस वर्ष उन्होंने मत्स्य उत्पादन से करीब 5 से 6 लाख रुपये की आय अर्जित की है। विजय सिंह राणा द्वारा उत्पादित ट्राउट मछली की बिक्री स्थानीय बाजार के साथ-साथ आईटीबीपी एवं एसएसबी को भी की जा रही है। इससे उन्हें अपने गांव में ही रोजगार का अवसर मिला है और उनकी आय का एक स्थायी स्रोत भी तैयार हुआ है। उन्होंने इस वर्ष 80 किलोग्राम मछलियों का 500 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया। विजय सिंह राणा बताते हैं कि मत्स्य पालन युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन का बेहतर माध्यम है। यदि युवा आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ मत्स्य पालन को अपनाएं तो इससे अच्छी आमदनी अर्जित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग एवं राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए इच्छुक लोगों को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्हें भी विभाग की ओर से मछली के बीज चारा तथा टैंक निर्माण आदि के लिए सहायता उपलब्ध कराई गई है। विजय सिंह राणा की सफलता यह दर्शाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर युवा अपने गांव में ही स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उनका प्रयास अन्य युवाओं को भी पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ आधुनिक मत्स्य पालन को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

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