प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वतंत्रता दिवस समारोह में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत और यादगार बनाने वाले विद्यालयों को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में सम्मानित किया। इस अवसर पर संबंधित विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्र-छात्राओं की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के उत्साह और प्रतिभा ने समारोह में नई ऊर्जा और उमंग भर दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर प्रतिभा की अपनी चमक होती है जिसे उचित मंच और प्रोत्साहन के माध्यम से निखारा जा सकता है। उन्होंने बच्चों में उत्साह की लौ हमेशा प्रज्ज्वलित रखने का संदेश देते हुए कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास रचनात्मकता अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बच्चों को मंच देने और उनकी प्रतिभा निखारने में शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी नगर राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर 5 नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया था। विद्यार्थियों ने देशभक्ति लोक संस्कृति और विभिन्न सामाजिक विषयों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियों से समारोह में उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरी थीं। सम्मान समारोह में विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली के प्रधानाचार्य संजय ममगाईं ने जिलाधिकारी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के मंच पर सरकारी विद्यालयों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतिभाग कर शानदार प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और मनोबल को भी नई ऊंचाई देते हैं। जिलाधिकारी द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों से विद्यालयों में भी बच्चों को आगे बढ़ने और बेहतर करने के लिए प्रेरणा मिल रही है। नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या रचना सेमवाल ने कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा अवसर प्राप्त हुआ है जब बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उसे सम्मान और प्रोत्साहन भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की कला और प्रतिभा को इस तरह पहचान मिलना उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देता है। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को और निखारने की ललक पैदा करते हैं तथा विद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना जिला खेल समन्वयक योगंबर सिंह नेगी सहित संबंधित विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
