प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर के हड्डी रोग विभाग ने जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रुद्रप्रयाग जिले की 62 वर्षीय महिला के दोनों घुटनों का सफल प्रत्यारोपण किया है। वहीं टिहरी जिले से आए 31 वर्षीय युवक के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। दोनों मरीजों की सफल सर्जरी के बाद उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। रुद्रप्रयाग जिले की रहने वाली 62 वर्षीय दीपा देवी के दोनों घुटने आर्थराइटिस के कारण गंभीर रूप से खराब हो गए थे। उन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी हो रही थी और सामान्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। चिकित्सकीय जांच के बाद दोनों घुटनों के प्रत्यारोपण का निर्णय लिया गया। हड्डी रोग विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक दोनों घुटनों का प्रत्यारोपण किया। वहीं टिहरी जिले के 31 वर्षीय सचिन सोरायसिस बीमारी से पीड़ित थे। बीमारी के चलते उनके दोनों कूल्हे गंभीर रूप से खराब हो गए थे जिसके कारण वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रहे थे। चिकित्सकों ने स्थिति को देखते हुए दोनों कूल्हों के प्रत्यारोपण की योजना बनाई। विभाग की विशेषज्ञ टीम ने दोनों कूल्हों की जटिल सर्जरी कर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया। इन दोनों जटिल सर्जरी को सफल बनाने में बेस अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ.दयाकृष्ण टम्टा के प्रयासों और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन में एनेस्थीसिया से डॉ.मोहित कुमार तथा आर्थो विभाग से डॉ.मिलिंद डॉ. सार्थक और डॉ.रवि शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ से राहुल सुरेंद्र जोशी आदि ने भी सहयोग किया। ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीजों को वॉकर के सहारे अस्पताल परिसर में चलाया गया। स्वस्थ होने के बाद दोनों मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आयुष्मान योजना के माध्यम से दोनों जरूरतमंद मरीजों को ऐसी जटिल सर्जरी का निःशुल्क लाभ मिला। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीजों के परिजनों ने बेस अस्पताल के चिकित्सकों और पूरी टीम का आभार जताया। परिजनों का कहना है कि जिस तरह की जटिल सर्जरी के लिए पहले बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था वही सुविधा अब श्रीनगर में उपलब्ध होना पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत है। बेस अस्पताल श्रीनगर अब केवल श्रीनगर और आसपास के क्षेत्र के मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि गढ़वाल भर के मरीजों के लिए लाइफ लाइन बनकर उभर रहा है। रुद्रप्रयाग टिहरी पौड़ी चमोली समेत गढ़वाल के दूरदराज के क्षेत्रों से मरीज गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बेस अस्पताल पहुंच रहे हैं। घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल एवं महंगी सर्जरी की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को अब देहरादून ऋषिकेश या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की दौड़ लगाने की जरूरत कम हो रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय श्रम और आर्थिक खर्च भी बच रहा है। हड्डी रोग विभाग द्वारा अब तक दर्जनों मरीजों को घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल चिकित्सा सुविधाओं का लाभ दिया जा चुका है। खास बात यह है कि भारत सरकार और राज्य सरकार की आयुष्मान योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को इन जटिल उपचारों का निःशुल्क लाभ भी मिल रहा है। हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ.दयाकृष्ण टम्टा ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि गढ़वाल के मरीजों को जटिल हड्डी एवं जोड़ संबंधी उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में न जाना पड़े। बेस अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ विशेषज्ञों की टीम लगातार जटिल सर्जरी कर रही है। दोनों मरीजों की सर्जरी सफल रही और उन्हें वॉकर के सहारे अस्पताल परिसर में चलाया गया। स्वस्थ होने के बाद दोनों मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को ऐसी जटिल सर्जरी का निःशुल्क लाभ मिलना उनके लिए बड़ी राहत है।
रुद्रप्रयाग की महिला और टिहरी के युवक की बेस अस्पताल में जटिल सर्जरी दोनों को मिली चलने की नई उम्मीद
