प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत पशुधन बीमा योजना का जनपद में पुनः संचालन शुरू हो गया है। योजना के तहत पशुपालक अपने पशुओं का बीमा कराकर निर्धारित प्रीमियम पर सरकारी सब्सिडी का लाभ ले सकेंगे। बीमा योजना से पशुधन को होने वाली क्षति की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। योजना के पुनः संचालन एवं बीमा प्रक्रिया के संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.विशाल शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ जनपद के समस्त वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान योजना के संचालन पशुपालकों को मिलने वाले लाभ तथा बीमा प्रक्रिया से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि योजना के संचालन के लिए पशुपालन विभाग एम/एस गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड तथा एम/एस हिमालय इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच अनुबंध किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुधन बीमा योजना के तहत सब्सिडी का लाभ लेने के लिए पशु की श्रेणी के अनुसार अधिकतम बीमा राशि निर्धारित की गई है। गाय के लिए अधिकतम 30 हजार रुपये भैंस के लिए 40 हजार रुपये घोड़े-खच्चर के लिए 35 हजार रुपये तथा भेड़-बकरी के लिए 3 हजार रुपये तक की बीमा राशि पर सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि निर्धारित सीमा तक बीमा कराने पर प्रीमियम की केवल 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी पशुपालक द्वारा वहन की जाएगी जबकि शेष 85 प्रतिशत राशि भारत सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। निर्धारित अधिकतम बीमा राशि से अधिक मूल्य पर बीमा कराने की स्थिति में अतिरिक्त राशि पर सब्सिडी देय नहीं होगी तथा अतिरिक्त प्रीमियम की राशि पशुपालक को स्वयं वहन करनी होगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जनपद के पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का बीमा कराने तथा योजना की पात्रता प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।
